काशी विद्यापीठ में बीए एलएलबी कोर्स में फर्जीवाड़ा का आरोप, छात्रों ने फूंका कुलपति का पुतला

वाराणसी। देशभर में इन दिनों NEET परीक्षा में हुए अनिमियतता के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। परीक्षार्थियों के साथ तमाम राजनैतिक दल NTA और सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। वही इस विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में B.A LLB कोर्स में फर्जीवाड़े का आरोप सामने आए है।विश्वविद्यालय प्रशासन पर बीए एलएलबी करने वाले छात्रों ने फर्जीवाड़ा और चारों को गुमराह करने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए कुलपति ए.के.त्यागी का पुतला फूंक विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। वही विश्वविद्यालय में शांति व्यवस्था को देखते हुए छात्रों को शांत करवाने के लिए मौके पर सिगरा थाने की पुलिस टीम पहुंची।

एडमिशन बीए एलएलबी ऑनर्स में और डिग्री रेगुलर कोर्स की

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बीए एलएलबी के छात्रों ने आरोप लगाया है, कि वर्ष 2019 में विश्वविद्यालय ने बीए एलएलबी ऑनर्स में उनका एडमिशन किया। विधि का यह कोर्स कुल पांच वर्षों का होता है। ऐसे में कोविड के समय बार काउंसिल ने विश्वविद्यालय को नोटिस दिया कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ बीए एलएलबी ऑनर्स कोर्स करवाने के लिए मान्य नहीं है। इसके बावजूद कोर्स विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी रखा, अब पहले बैच को जब डिग्री देने का समय आ रहा है तब विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हे नोटिस देकर अपने पूर्व के रिजल्ट को जमा करवाने और छात्रों को ऑनर्स की जगह रेगुलर कोर्स करवाए जाने की सूचना दिया। ऐसे में आखरी सेमेस्टर से पहले छात्रों को सूचना मिलने पर आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया। छात्र – छात्राओं का आरोप है, कि विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत करने पर उन्हें पुलिस की कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। इससे आक्रोशित छात्रों ने राज्यपाल सहित बार काउंसिल को पत्र लिखा और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं।

प्रकरण पर विश्वविद्यालय प्रशासन मौन, अधर में छात्रों का भविष्य

बीए एलएलबी के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ऑनर्स कोर्स में जमा किए हुए फीस को वापस करने और अपनी गलती पर मांफी मांगने की मांग कर रहे है। ऐसे में जब विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश किया गया, तो विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर नागेंद्र कुमार सिंह ने मामले में कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए विश्वविद्यालय की रजिस्टार प्रो.सुनीता पांडे से मिलने का हवाला दिया और बताया कि रजिस्टार शहर से बाहर है। ऐसे में अब छात्र – छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा अपने भविष्य के साथ खिलाड़ किए जाने का आरोप लगाते हुए मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दिया।

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