
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) से जुड़े वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया है। अशोक सिद्धार्थ ने बसपा प्रमुख मायावती के नाम पत्र लिखकर अपने इस फैसले की जानकारी दी। वह आकाश आनंद के ससुर भी हैं।
अशोक सिद्धार्थ ने अपने पत्र में मायावती के प्रति आभार जताते हुए खुद को उनका कर्जदार बताया है। उन्होंने कहा कि मायावती ने उन्हें राजनीतिक जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया और पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं।
अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेने का फैसला आकाश आनंद की बसपा में वापसी से भी जुड़ा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि आकाश आनंद की वापसी के लिए मायावती ने कुछ शर्तें रखी थीं। इनमें अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेना भी शामिल था।अशोक सिद्धार्थ ने अब अपने पत्र के जरिए राजनीति के साथ-साथ सामाजिक जीवन से भी अलग होने का निर्णय सार्वजनिक कर दिया है। उनके इस फैसले को बसपा और आकाश आनंद से जुड़े घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के ऐलान के बाद बसपा की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब नजर इस बात पर है कि उनके फैसले के बाद आकाश आनंद की पार्टी में भूमिका और राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है।









