छात्र आंदोलन को लेकर CJP ने केंद्र सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, दोबारा धरने पर बैठने की दे दी चेतावनी?

देशभर में गरमाया छात्र आंदोलन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर चले इस बड़े छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के समझौते का सरकार द्वारा “पूरी तरह उल्लंघन” किया जा रहा है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने दावा किया कि बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भी प्रदर्शनकारियों की लगातार निगरानी और उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके अलावा, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स सहायता और मदद मुहैया कराने वाले स्वयंसेवकों को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

समझौते के दो दिन बाद ही विवाद
गौरतलब है कि यह नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मात्र दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने इस आंदोलन की कई प्रमुख मांगें मान ली थीं, जिनमें तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था। सरकार के इसी आश्वासन और सहमति के आधार पर CJP ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की थी।

CJP की सख्त चेतावनी
अपने बयान में आशुतोष रांका ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तत्काल प्रभाव से वापस ली जाएं, गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए और दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों तथा भाजपा-शासित राज्यों की पुलिस द्वारा भविष्य में कोई भी नया मुकदमा दर्ज न किया जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो पार्टी और देश के युवा एक बार फिर से सड़कों पर उतरकर दोबारा धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।

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