मिशन कर्मयोगी के तहत CM धामी ने डिजिटल प्रदर्शनी का किया उद्घाटन, सिविल सेवकों को दिया बड़ा सन्देश!

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित भारत सरकार की "मिशन कर्मयोगी" योजना के अंतर्गत कई सिविल सेवक प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपना काम शुरू करेंगे. इसके लिए सीएम धामी ने अपने संबोधन में उन्हें सौभाग्यशाली बताया.

सोमवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में अमृत महोत्सव डिजिटल प्रदर्शनी और आजादी का अमृत महोत्सव सेमिनार का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. उन्होंने डिजिटल प्रदर्शनी और अमृत महोत्सव सेमीनार का उदघाटन किया. सीएम धामी ने इस दौरान लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की और परिसर में 22 राज्यों द्वारा लगाए गए हस्तकला स्टालों का अवलोकन किया.

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सीएम धामी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में समृद्ध भारतीय संस्कृति का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने हेतु डिजिटल प्रदर्शनी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से “मिशन कर्मयोगी” के अंतर्गत डिजिटल प्रदर्शनी से भारतीय संस्कृति का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा.

दरअसल, आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित भारत सरकार की “मिशन कर्मयोगी” योजना के अंतर्गत कई सिविल सेवक प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपना काम शुरू करेंगे. इसके लिए सीएम धामी ने अपने संबोधन में उन्हें सौभाग्यशाली बताया और कहा कि आप लोग सौभाग्यशाली है कि आप “आजादी का अमृत महोत्सव” वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर “मिशन कर्मयोगी” के तहत अपना काम शुरू करेंगे.

उन्होंने कहा अगले 25 साल में यह देश कितना विकास करेगा, उसमें आप सभी अधिकारियों की बहुत बड़ी भूमिका होगी. उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सिविल सेवकों को और भी अधिक रचनात्मक, सृजनात्मक और विचारशील बनाना ही “मिशन कर्मयोगी” का मुख्य लक्ष्य है. इसके साथ ही उन्हें नवाचारी, अधिक क्रियाशील, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी समर्थ बनाते हुए भविष्य के लिए तैयार करना भी “मिशन कर्मयोगी” का सबसे प्रमुख और प्राथमिक लक्ष्य है.

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