सीएम योगी ने गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां, यूपी को बताया निवेश के लिए ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’

शुक्रवार की देर शाम मीडिया से किये गए अनौपचारिक बातचीत के दौरान सीएम योगी ने कहा कि यूपी में शानदार रोड कनेक्टिविटी और सुरक्षा की गारंटी से निवेश बढ़ा है। पहले कहा जाता था कि जहां सड़क में गड्ढे शुरू हों, वही यूपी है लेकिन आज यूपी की पहचान एक्सप्रेस वे और फोर लेन सड़कों के संजाल से होती है।

शुक्रवार की देर शाम गोरखपुर में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े चार साल में यूपी में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। मोबाइल डिस्प्ले बनाने वाली कम्पनी भारत में नहीं थी, चीन में थी। कोरोनाकाल में इसे यूपी में लाया गया। पहले भारत से निवेश बाहर जाता था, आज बाहर से निवेश भारत मे आ रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’ बना हुआ है।

यूपी में शानदार रोड कनेक्टिविटी और सुरक्षा की गारंटी से निवेश बढ़ा है। पहले कहा जाता था कि जहां सड़क में गड्ढे शुरू हों, वही यूपी है लेकिन आज यूपी की पहचान एक्सप्रेस वे और फोर लेन सड़कों के संजाल से होती है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इसी माह पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन होने जा रहा है। आज ही प्रधानमंत्री ने इसका प्रेजेंटेशन देखा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से 60 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुले है। रोजगार पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि साढ़े चार लाख युवाओं को इतनी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरी दी है की कोई अंगुली नहीं उठा सकता।

खाद्यान्न वितरण में यूपी पूरे देश मे अव्वल

सीएम ने कहा कि मार्च 2017 के पहले खाद्यान्न वितरण में भ्रष्टाचार व्याप्त था। कई जिलों में खाद्यान्न चोरी और राशन के अभाव में, खासकर कुशीनगर में मुसहरों की भूख से मौत हो जाती थी। भाजपा सरकार बनते ही हमने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की जांच के आदेश दिये। इसमें 40 लाख राशन कार्ड ऐसे मिले जिन पर राशन तो निकल रहा था लेकिन जिसके नाम से कार्ड था उस व्यक्ति को पता ही नहीं था कि उसका खाद्यान कोई और प्राप्त कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राशन की 80 हजार दुकानों में ईपास मशीन की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना की पहली लहर के बाद खाद्यान्न वितरण की जांच करने भारत सरकार की टीम आई थी। इसमें एक भी शिकायत नहीं मिली। यूपी ऐसा अकेला राज्य है जहां राशन वितरण व्यवस्था को लेकर 97 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि जताई है। दूसरे स्थान पर जो राज्य है वहां यह आंकड़ा 54 फ़ीसदी पर ही है। “कॉमन मैन” के जीवन में परिवर्तन कैसे लाया जा सकता है, उत्तर प्रदेश में इसे देख जा सकता है।

कोयला संकट में भी नहीं हुई प्रदेश में बिजली की किल्लत

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के बारे में कहा जाता था कि जहां से अंधेरा शुरू होता है वह यूपी है, लेकिन आज यह धारणा बदल गई है। पूरे उत्तर प्रदेश में बिना भेदभाव के पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो रही है। उन्होंने बताया कि कोयला संकट के दौरान प्रदेश ने 22 प्रति यूनिट तक की दर से बिजली खरीदी लेकिन राज्य के लोगों को कोई परेशानी नहीं होने दी।

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