
भारतीय नौसेना आने वाले वर्षों में अपने पहले से ही दुर्जेय शस्त्रागार में और अधिक ताकत जोड़ेगी. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आईएनएस विक्रांत विमान वाहक के लिए 26 राफेल-समुद्री लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है. साथ ही तीन और स्कॉर्पीन के निर्माण के लिए दोबारा आदेश दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जुलाई को फ्रांस दौरे पर रहेंगे. वहीं इस मामले से परिचित लोगों ने कहा कि इस सप्ताह पीएम मोदी के फ्रांस दौरे की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान “मेक इन इंडिया” के तहत मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड (MDL) में स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां निर्मित करने का आदेश दिया जा सकता है.
हालांकि, अभी साउथ ब्लॉक ने 13-14 जुलाई को पीएम मोदी की पेरिस यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए जाने वाले रक्षा सौदों के बारे में चुप्पी साधे हुए है. लेकिन यह बताया जा रहा है कि भारत और फ्रांस एक रक्षा-औद्योगिक रोड मैप पर हस्ताक्षर करेंगे. जिससे भारत को अपने स्वदेशी रूप से विकसित इंजनों और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से हार्डवेयर प्लेटफ़ॉर्म विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके.
पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन इंडो-पैसिफिक के लिए एक द्विपक्षीय रोड मैप का भी अनावरण करेंगे. जिसमें बढ़ते चीन द्वारा विवादित क्षेत्र में समुद्री मार्गों के लिए नेविगेशन और समुद्री सुरक्षा की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट कदम होंगे.
साउथ ब्लॉक से मिले इनपुट के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 जुलाई को भारतीय नौसेना को 26 राफेल-एम लड़ाकू विमान खरीदने के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (AON) देने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की एक बैठक बुलाई है. बताया जा रहा है कि इस बैठक में एमडीएल में तीन और कालवेरी श्रेणी की पनडुब्बियों के निर्माण को हरी झंडी दी जा सकती है.









