सुबह उठते ही गर्दन में होता है दर्द? कहीं आपका तकिया तो नहीं बन रहा परेशानी की वजह

डेस्क : कई बार रात में अच्छी नींद लेने के बावजूद सुबह उठते ही गर्दन में दर्द, खिंचाव और अकड़न महसूस होने लगती है। शुरुआत में लोग इसे थकान या दिनभर की व्यस्तता का असर मान लेते हैं, लेकिन बार-बार ऐसी परेशानी होना नींद के दौरान गर्दन की गलत पोजीशन से भी जुड़ा हो सकता है। इसमें आपके तकिए की अहम भूमिका हो सकती है। गलत ऊंचाई और बनावट वाला तकिया सिर और गर्दन को पर्याप्त सहारा नहीं देता, जिससे मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है।

गलत तकिया कैसे बनता है गर्दन के दर्द की वजह?

सोते समय सिर और गर्दन का संतुलित स्थिति में रहना जरूरी है। बहुत ऊंचा तकिया इस्तेमाल करने से गर्दन आगे की ओर झुक सकती है, जबकि बहुत पतला तकिया सिर को पर्याप्त सहारा नहीं दे पाता। दोनों ही परिस्थितियों में गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ सकता है। इसके अलावा, लंबे समय तक इस्तेमाल किए गए तकिए की बनावट भी प्रभावित हो सकती है। रूई या फोम के दब जाने से तकिया असमान हो जाता है। ऐसे में रातभर सिर और गर्दन को एक जैसा सपोर्ट नहीं मिलता और सुबह उठने पर अकड़न या दर्द महसूस हो सकता है।

सोने की पोजीशन के हिसाब से चुनें तकिया

  • हर व्यक्ति के लिए एक जैसा तकिया आरामदायक नहीं होता। तकिया चुनते समय सोने की आदत को समझना जरूरी है।
  • करवट लेकर सोने वाले: ऐसा तकिया चुनें जो सिर और गर्दन को पर्याप्त सहारा दे और रीढ़ की हड्डी को सीध में रखने में मदद करे।
  • पीठ के बल सोने वाले: मध्यम ऊंचाई वाला तकिया उपयोगी हो सकता है, जिससे गर्दन को आरामदायक सपोर्ट मिले।
  • तकिए की बनावट: मेमोरी फोम और गर्दन के आकार के अनुसार बने सपोर्ट पिलो कुछ लोगों के लिए आरामदायक हो सकते हैं।
  • तकिया न तो जरूरत से ज्यादा ऊंचा होना चाहिए और न ही इतना पतला कि सिर को सहारा ही न मिले।
  • गर्दन दर्द से बचने के लिए मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत सुधारें

गर्दन की परेशानी का संबंध केवल सोने के तरीके से नहीं होता। दिनभर मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय गर्दन को लगातार नीचे झुकाकर रखने से भी मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। इससे बचने के लिए स्क्रीन को आंखों के स्तर के करीब रखें। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लें। हल्की स्ट्रेचिंग और नियमित दिनचर्या भी गर्दन को आराम देने में मदद कर सकती है।

तकिया बदलने के बाद भी दर्द रहे तो क्या करें?

अगर तकिया बदलने और सोने की स्थिति में सुधार करने के बाद भी गर्दन का दर्द बना रहता है, तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। खासकर गर्दन में तेज दर्द, हाथों में झनझनाहट, कमजोरी या दर्द के साथ चक्कर आने जैसी समस्याएं हों तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी न करें। गर्दन का दर्द मांसपेशियों में खिंचाव के अलावा रीढ़ से जुड़ी समस्याओं के कारण भी हो सकता है।

सही तकिया और बेहतर आदतें दे सकती हैं राहत

सुबह होने वाली गर्दन की अकड़न को कम करने के लिए आरामदायक तकिया, सही सोने की पोजीशन और दिनभर की बेहतर शारीरिक आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, लगातार दर्द होने पर केवल तकिए को जिम्मेदार मानना सही नहीं है। समस्या की असली वजह जानने के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर विकल्प है।

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