
Ayodhya : राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण को लेकर अयोध्या की राजनीति गरमा गई है। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। पांडेय का आरोप है कि उन्हें यह धमकी इसलिए दी गई है क्योंकि वे मंदिर ट्रस्ट में हुए कथित चढ़ावा घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं।
धमकी में क्या कहा गया?
पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्हें संदेश के जरिए चेतावनी दी गई है कि “चढ़ावा मामले पर चुप हो जाओ, वरना अंजाम बुरा होगा।” पवन पांडेय ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि यह उन सभी लोगों को डराने और चुप कराने की एक सुनियोजित कोशिश है, जो मंदिर के दान-पात्र में हुई चोरी और भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि इस तरह की धमकियां उन्हें सच बोलने से नहीं रोक सकतीं।
चढ़ावा गबन और SIT की जांच
यह धमकी ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में SIT की 9 पेज की रिपोर्ट ने राम मंदिर के गणना कक्ष में 70 बार चोरी की पुष्टि की है। SIT की रिपोर्ट ने स्पष्ट रूप से ‘पर्यवेक्षणीय विफलता’ को उजागर किया है और 6 लोगों को नामजद किया है। ऐसे में पवन पांडेय को मिली धमकी ने मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है।
प्रशासन पर उठे सवाल
पूर्व मंत्री ने इस घटना की सूचना पुलिस और संबंधित अधिकारियों को देते हुए सुरक्षा की मांग की है। अयोध्या जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में एक पूर्व जनप्रतिनिधि को धमकी मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल, इस मामले पर स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है, लेकिन इस धमकी ने अयोध्या में गबन मामले को लेकर चल रहे विवाद को और तेज कर दिया है।









