
बलिया/आजमगढ़। बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ हुए कथित उत्पीड़न के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन के दो अधिकारियों—एक वन दरोगा और एक क्राइम इंस्पेक्टर—पर गंभीर आरोप लगाते हुए आजमगढ़ के डीआईजी (DIG) से न्याय की मांग की है। महिला ने अपनी आपबीती के साथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के तौर पर पेश की है।
शादी का झांसा देकर 8 महीने तक शोषण
पीड़ित महिला, जो अपने पति से विवाद के कारण अलग रह रही थी, का आरोप है कि उसकी मुलाकात वन दरोगा अग्रसेन कुमार जायसवाल से हुई थी। महिला के अनुसार, दरोगा ने उससे शादी करने का वादा किया और करीब 8 महीने तक उसके साथ संबंध बनाए। जब महिला ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी मुकर गया। बाद में महिला को पता चला कि वन दरोगा पहले से ही शादीशुदा है।
जांच के नाम पर इंस्पेक्टर की ‘गंदी’ मांग?
डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद आरोपी दरोगा को गिरफ्तार तो किया गया, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि उसे जल्द ही छोड़ दिया गया। अब महिला का सबसे गंभीर आरोप विवेचना (जांच) कर रहे क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक पर है। महिला ने मीडिया को सौंपे ऑडियो के आधार पर दावा किया कि इंस्पेक्टर उसे चार्जशीट लगाने के बदले अकेले में मिलने के लिए बुला रहा है। इसके अलावा, महिला ने इंस्पेक्टर संजय शुक्ला पर भी उसे रात 12 बजे तक बेवजह थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया है।
डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार
पीड़िता ने एक बार फिर आजमगढ़ पहुंचकर डीआईजी से मुलाकात की और अपनी सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। महिला का कहना है, पहले मेरा इस्तेमाल किया गया और अब जो लोग जांच कर रहे हैं, वे भी मुझे अकेले में बुलाकर प्रताड़ित कर रहे हैं। मुझे और मेरे बच्चों को न्याय चाहिए।
ऑडियो क्लिप बनी चर्चा का विषय
महिला द्वारा जारी किया गया कथित ऑडियो सोशल मीडिया और मीडिया हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर अनुचित बातें कही जा रही हैं। पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच के संकेत दिए हैं।









