भारत-फ्रांस डील: नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन फाइटर जेट्स की खरीद को CCS की मंजूरी

लंबे समय से लंबित TEDBF (ट्विन-इंजन डेक-बेस्ड फाइटर) की डिलीवरी में अभी एक दशक लग सकता है।

INS विक्रांत के लिए 63,887 करोड़ रुपये की मेगा डील को हरी झंडी | चीन की बढ़ती मौजूदगी के बीच रणनीतिक कदम

मुख्य बिंदु:

  • प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने ₹63,887 करोड़ (यूरो 6.6 अरब) की भारत-फ्रांस डील को मंजूरी दी है।
  • 🇫🇷 डासो एविएशन द्वारा निर्मित 26 राफेल-मरीन फाइटर जेट्स, जिनमें 22 सिंगल-सीट और 4 ट्रेनर वर्जन शामिल होंगे, INS विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे।
  • डील में शामिल: हथियार, सिमुलेटर, क्रू ट्रेनिंग और 5 साल की परफॉर्मेंस-आधारित लॉजिस्टिक्स सपोर्ट।
  • फ्रांसीसी रक्षा मंत्री सेबास्टियन लेकोर्नु इस महीने प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद रह सकते हैं।
  • सभी 26 विमान 2031 तक भारत को डिलीवर किए जाएंगे, डील साइन होने के 37 से 65 महीनों के भीतर।

राफेल-M की विशेषताएं:

  • समुद्री मिशनों, वायु रक्षा और टोह गतिविधियों के लिए डिज़ाइन किया गया।
  • Exocet AM39 एंटी-शिप मिसाइल, SCALP क्रूज़ मिसाइल (300+ किमी रेंज), और Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल (120–150 किमी रेंज) से लैस।
  • भविष्य में भारतीय ब्रह्मोस-NG और NASM मिसाइलों के एकीकरण का भी वादा।

रणनीतिक पृष्ठभूमि:

  • वर्तमान में नौसेना के पास सिर्फ 40 सक्रिय MiG-29K हैं जो INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत से ऑपरेट करते हैं।
  • लंबे समय से लंबित TEDBF (ट्विन-इंजन डेक-बेस्ड फाइटर) की डिलीवरी में अभी एक दशक लग सकता है।
  • भारत का उद्देश्य चीनी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी के जवाब में IOR क्षेत्र में ताकत बढ़ाना है।

एक और मेगा डील निकट: ₹33,500 करोड़ की डील में तीन स्कॉर्पीन सबमरीन फ्रेंच सहयोग से मझगांव डॉक पर बनेंगी।

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