
उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुजैनी थाने में दर्ज एक मुकदमे में पुलिस ने बड़ी लापरवाही दिखाते हुए आरोपी की जगह किसी दूसरे के घर पर दबिश दे डाली और परिजनों के साथ घंटों अभद्रता करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से कर न्याय की गुहार लगाई है।
मामला गुजैनी थाने से जुड़ा है, जहां 6 अगस्त को पथराव के मामले में गुजैनी निवासी पंकज ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने पनकी निवासी पंकज चौहान के घर पर 10 अगस्त को दबिश दे दी। पुलिस न केवल घर में घुसी बल्कि पंकज चौहान के भाई सौरभ चौहान को भी उठाकर थाने ले आई। पीड़ित परिवार का कहना है कि दर्ज मुकदमे में आरोपी पंकज ठाकुर के पिता का नाम और सही पता साफ-साफ दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने यह बड़ी गलती की।
पीड़ित परिवार ने गुजैनी थाने में तैनात सिपाही विष्णु पाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सिपाही की व्यक्तिगत खुन्नस के चलते उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। इससे पहले भी उक्त सिपाही द्वारा पनकी थाने में रहते हुए पंकज चौहान पर मामला दर्ज कराया गया था। परिवार का आरोप है कि थाने से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत करने के बावजूद पुलिस विभाग में तैनात होने के कारण सिपाही विष्णु पाल सिंह पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।








