कानपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल, सरकारी कार्यक्रमों में फूलों के बुके की जगह दिये जाएंगे ‘आकर्षक गुल्लक’

कानपुर जिला प्रशासन ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए सरकारी कार्यक्रमों में फूलों की जगह गुल्लक देने की अनूठी पहल शुरू की है। इसके डिजाइन IIT कानपुर ने तैयार किए हैं।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की है। अब जिले में आयोजित होने वाले सभी सरकारी कार्यक्रमों और वीआईपी (VIP) स्वागत समारोहों में अतिथियों को महंगे फूलों के गुलदस्ते भेंट नहीं किए जाएंगे। इसकी जगह मेहमानों का स्वागत आधुनिक और आकर्षक ‘गुल्लक’ देकर किया जाएगा। प्रशासन का यह कदम फिजूलखर्ची को रोकने और समाज में बचत की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

बता दें, प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह अभिनव निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के तहत लिया गया है, जिसमें उन्होंने सरकारी आयोजनों में होने वाले अनावश्यक खर्चों को कम करने और पारंपरिक व उपयोगी वस्तुओं को बढ़ावा देने की बात कही थी।

IIT कानपुर और बिठूर के कुम्हारों की जुगलबंदी
इस पहल को खास और आकर्षक बनाने के लिए कानपुर जिला प्रशासन ने तकनीक और पारंपरिक कला का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन तैयार किया है। इन गुल्लकों के आधुनिक, एस्थेटिक और आकर्षक डिजाइन आईआईटी (IIT) कानपुर के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं। वहीं, इन डिजाइनों को धरातल पर उतारने और मिट्टी के जरिए खूबसूरत आकार देने का काम बिठूर के स्थानीय कुम्हारों ने डिजाइन तैयार किए है। इस जुगलबंदी से जहां एक तरफ स्थानीय कुम्हारों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है, वहीं हमारी पारंपरिक मिट्टी शिल्प कला को भी एक नया बाजार और पहचान मिल रही है।

संस्कृति और बचत से जोड़ने का प्रयास
इस अनोखी मुहिम के पीछे जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी के बच्चों और बड़ों को अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति और मिट्टी की खुशबू से जोड़ना है। इसके साथ ही, घरों में गुल्लक रखने की पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित कर लोगों में छोटे-छोटे स्तर पर बचत करने की आदत को विकसित करना है। प्रशासनिक गलियारों से शुरू हुई यह अनूठी पहल अब आम जनता के बीच भी काफी सराहना बटोर रही है।

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