
HC की लखनऊ बेंच ने सिविल कोर्ट के आसपास बचे सभी अवैध अतिक्रमण हटाने को कहा है। पूर्व के आदेशों के अनुपालन में 57 अतिक्रमण हटाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि अभी भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बाकी है। अवैध कब्जे 7 अप्रैल के आदेश के अनुसार हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यथासंभव 5 सप्ताह के अंदर कार्रवाई पूरी करने का आदेश दिया गया है। न्यायिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए रविवार को कार्रवाई हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।
इन इलाकों में है गैर-कानूनी अतिक्रमण
कोर्ट ने पहले इस बात पर कहा था कि डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट, ओल्ड हाई कोर्ट कैंपस, कलेक्ट्रेट, बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू, ओल्ड सदर तहसील कैंपस, सब रजिस्ट्रार ऑफिस, कमिश्नरेट, रेजीडेंसी पावर सब स्टेशन, बलरामपुर हॉस्पिटल और कैसरबाग बस स्टेशन जैसे इलाकों में पब्लिक रास्तों पर गैर-कानूनी अतिक्रमण से आम लोगों को परेशानी हो रही थी। इस मामले में नगर निगम ने कोर्ट को बताया था कि पहले के निर्देशों के मुताबिक 100 से ज़्यादा गैर-कानूनी तरीके से बने चैंबर गिरा दिए गए थे।
जिन 72 जगहों पर कार्रवाई चल रही थी, उनमें से शुरू में सिर्फ़ 14 ही हटाए जा सके, क्योंकि वकीलों के हंगामे की वजह से तोड़-फोड़ की कार्रवाई में रुकावट आई थी।









