
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक कुल 119 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। पुलिस की तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस फर्जीवाड़े की कड़ियां जुड़ती गईं, जिसके बाद कोलकाता से तीन और गुजरात से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस मामले में लगातार सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है।
इस कार्रवाई का सबसे चौकाने वाला पहलू यह रहा है कि साइबर अपराधियों के साथ संलिप्तता और संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर लखनऊ कमिश्नरेट के 3 पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 6 अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि अपराधियों का साथ देने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी और फ्रॉड करने वाले इस गिरोह के जड़ तक पहुंचने के लिए राज्य के बाहर भी दबिश दी जा रही है। आम जनता को भी लगातार साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की जा रही है।









