
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी से रुपया’ वाले बयान को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। अब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भी इस मामले में अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव के बयान को अहंकारी, अमर्यादित और अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि इस बयान से राष्ट्रीय लोकदल और उसके नेता जयंत चौधरी के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार और पूरे जाट समाज का अपमान हुआ है।
अखिलेश यादव से माफी की मांग
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने बयान के लिए जयंत चौधरी, उनके परिवार और जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का राजनीतिक व्यवहार अपने सहयोगी दलों के प्रति भी संकीर्ण और स्वार्थपूर्ण रहा है।
मायावती ने कहा कि सपा की इसी सोच के कारण कई बार गठबंधन टूटे और इसका राजनीतिक फायदा दूसरी पार्टियों को मिला।
सपा के PDA फॉर्मूले पर भी हमला
मायावती ने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए PDA के मतलब को बदलती रहती है और पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक तथा अन्य समाजों के हितों को लेकर उसका रुख स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर आगे बढ़ती रहेगी।
यूपी चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
‘चवन्नी’ बयान को लेकर समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और अब बहुजन समाज पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।








