
डिजिटल दुनिया के विस्तार और बदलते सामाजिक नजरियों ने भारत में शादी और रिश्तों के पारंपरिक ढांचे को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप ‘ग्लिडन’ (Gleeden) ने हाल ही में भारत में 4 मिलियन (40 लाख) यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है. यह डेटा स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि देश में लोग अब पारंपरिक वैवाहिक रिश्तों से परे जाकर भी अपनी भावनाओं और इच्छाओं को तलाशने लगे हैं. हालांकि, इस प्लेटफॉर्म पर पुरुषों की हिस्सेदारी अभी भी लगभग 65 प्रतिशत के साथ सबसे ज्यादा है, लेकिन चौंकाने वाला पहलू यह है कि पिछले दो वर्षों में महिला यूजर्स की संख्या में 148 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह बदलाव सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलती सामाजिक सोच की ओर भी इशारा करता है.
महिलाएं तलाश रहीं रोमांच और भावनात्मक जुड़ाव
आंकड़ों से पता चलता है कि महिलाएं अब केवल पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहना चाहतीं. वे अपनी शादीशुदा जिंदगी में स्थिरता और सुरक्षा तो चाहती हैं, लेकिन इसके साथ ही वे वैवाहिक रिश्ते के बाहर रोमांच या भावनात्मक जुड़ाव की तलाश भी कर रही हैं. यह नया सामाजिक बदलाव मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में सबसे अधिक उभरकर सामने आ रहा है.
क्या हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारण?
IPSOS के 2025 के एक सर्वे के अनुसार, लोग हमेशा किसी गलत इरादे या कारण से अफेयर नहीं करते. अक्सर इसके पीछे समय की कमी या निजी समय (Personal Space) का अभाव एक बड़ी वजह होती है. सर्वे में शामिल 33 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वे काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने लिए वक्त नहीं निकाल पाते. ऐसे में वे डिजिटल दुनिया में एक छोटा सा रोमांच या ‘थ्रिल’ ढूंढने की कोशिश करते हैं.
अफेयर के मामलों में पुरुष और महिला बराबरी पर
पहले समाज में यह आम धारणा थी कि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर केवल पुरुष ही करते हैं, लेकिन आधुनिक आंकड़े इस धारणा को बदलते दिख रहे हैं. सर्वे के मुताबिक, अब इस मामले में महिलाएं भी पुरुषों की बराबरी कर रही हैं. आंकड़ों के अनुसार, 43 प्रतिशत पुरुषों और 42 प्रतिशत महिलाओं ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी शादी के बाहर भावनात्मक या शारीरिक संबंध बनाए हैं.
महानगरों के बाद अब छोटे शहरों में भी बढ़ा चलन
डेटा के मुताबिक, एक्स्ट्रा मैरिटल ऐप्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल बड़े शहरों में किया जा रहा है, जिसमें बेंगलुरु और हैदराबाद शीर्ष पर हैं. हालांकि, अब छोटे और तेजी से विकसित हो रहे शहर जैसे लखनऊ और सूरत भी इस सूची में लगातार आगे बढ़ रहे हैं. प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के समय की बात करें तो ज्यादातर लोग अपने ऑफिस के लंच ब्रेक के दौरान या फिर रात के समय इन ऐप्स पर सक्रिय रहते हैं.
पार्टनर की पसंद को लेकर अलग-अलग मानदंड
अफेयर ऐप्स पर लाइफ पार्टनर से इतर साथी चुनने के मामले में पुरुष और महिलाओं की प्राथमिकताएं अलग हैं. पुरुष अक्सर 25 से 30 वर्ष की युवा महिला साथियों को पसंद करते हैं, जबकि महिलाएं अपने लिए समाज में स्थापित और पेशेवर पुरुषों, जैसे डॉक्टर या चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को प्राथमिकता देती हैं. इससे यह भी साफ होता है कि शादी के बाहर भी स्थिरता और वित्तीय सुरक्षा का महत्व बना हुआ है.
इंटरनेट और सोशल मीडिया ने राह की आसान
इंटरनेट की सुलभता और सोशल मीडिया के दौर ने अफेयर करने की राह को काफी आसान बना दिया है. सर्वे के 60 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ऑनलाइन फ्लर्टिंग की आसान सुविधा एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर बढ़ने की एक मुख्य वजह है. ये ऐप्स यूजर्स को एक सुरक्षित और गोपनीय वातावरण प्रदान करते हैं, जहाँ वे बिना किसी झिझक के अपनी दबी हुई भावनाओं और इच्छाओं को एक्सप्लोर कर सकते हैं.









