
आजकल की भागती-दौड़ती जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल के कारण युवाओं में माइग्रेन (Migraine) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर लोग इसे आम सिरदर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर खा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि माइग्रेन सिर्फ एक सिरदर्द नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है?
इस विषय पर मणिपाल हॉस्पिटल, भुवनेश्वर के एसोसिएट कंसल्टेंट – न्यूरोलॉजी, डॉ. अमलान तपन महापात्रा विस्तार से बता रहे हैं कि आखिर माइग्रेन क्यों होता है, यह सामान्य सिरदर्द से कितना अलग है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्या खराब जीवनशैली है युवाओं में माइग्रेन की वजह ?
बच्चे और टीनेजर्स शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद संवेदनशील होते हैं। डॉ. अमलान तपन के अनुसार, हमारी रोजमर्रा की कई बुरी आदतें माइग्रेन के दर्द को बुलावा देती हैं:
- नींद का असंतुलन: बहुत कम सोना या जरूरत से ज्यादा सोना।
- खराब खानपान: समय पर खाना न खाना, पोषण की कमी और पैकेट या शुगर वाले फूड्स का ज्यादा सेवन।
- स्क्रीन टाइम और गैजेट्स: मोबाइल, लैपटॉप का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल।
- नशे की लत: स्मोकिंग और शराब का सेवन।
- कैफीन का खेल: चाय-कॉफी या एनर्जी ड्रिंक का ज्यादा सेवन करना या फिर अचानक से कैफीन लेना पूरी तरह बंद कर देना।
- अन्य कारण: डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), शारीरिक सक्रियता की कमी, मानसिक तनाव (स्ट्रेस-एंग्जायटी) और बहुत तेज रोशनी या शोर में रहना।
माइग्रेन और मामूली सिरदर्द में क्या अंतर है?
अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं कि उन्हें सामान्य सिरदर्द है या माइग्रेन। डॉ. अमलान तपन महापात्रा के मुताबिक, माइग्रेन के लक्षण सामान्य सिरदर्द से काफी अलग होते हैं:
- चरण (Stages): माइग्रेन सिर्फ अचानक उठा दर्द नहीं है, यह कई स्टेज से गुजरता है – जैसे प्रोड्रोम (दर्द से पहले के संकेत), ऑरा (आंखों के सामने धुंधलापन या चमकती रोशनी दिखना) और पोस्टड्रोम (दर्द ठीक होने के बाद की कमजोरी)।
- दर्द का प्रकार: माइग्रेन में आमतौर पर सिर के एक हिस्से में तेज कसक या धड़कन जैसा (Throbbing) दर्द होता है।
- अवधि: यह दर्द 4 घंटे से लेकर 72 घंटों (3 दिन) तक रह सकता है।
- अन्य लक्षण: दर्द के साथ जी मिचलाना, उल्टी होना, तेज रोशनी-आवाज से चिढ़ होना और सिर हिलाने पर भी तेज तकलीफ होना इसके मुख्य लक्षण हैं।









