
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी अंदरूनी कलह और विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बीच, ट्रस्ट से जुड़े गोपाल राव का एक ताजा बयान सामने आया है, जिसने मंदिर प्रबंधन से जुड़ी अटकलों को और तेज कर दिया है। गोपाल राव ने मीडिया के सामने कई बड़े दावे किए हैं, जिससे ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस्तीफे का दावा और ट्रस्ट का भविष्य
गोपाल राव ने दावा किया है कि राम मंदिर ट्रस्ट के महत्वपूर्ण पदों पर आसीन चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। राव ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें ट्रस्ट के रोजमर्रा के कामकाज से अलग रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वे 15 जुलाई तक अयोध्या में रहेंगे और उसके बाद यहां से चले जाएंगे। इस दावे ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।
दानपात्र चोरी पर सफाई
हाल के दिनों में दानपात्र में चोरी को लेकर उठे विवादों पर गोपाल राव ने कहा कि सिर्फ दानपात्र में कुछ चोरी की घटना हुई है, जबकि उनके ऊपर लगे बाकी तमाम आरोप निराधार और गलत हैं। उन्होंने माना कि मामले ने तूल पकड़ लिया है, लेकिन उन्होंने स्वयं को अन्य आरोपों से अलग रखा है।
अंदरूनी कलह गहराने के संकेत
गोपाल राव के इस बयान के बाद ट्रस्ट के भीतर के विवाद और अधिक स्पष्ट होते नजर आ रहे हैं। जहां एक ओर मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर जारी यह खींचतान आम जनता और राम भक्तों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन गोपाल राव के इस बयान ने अयोध्या में सरगर्मियां तेज कर दी हैं।









