
पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। यह घटना एक चुनावी रैली के दौरान उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में ममता बनर्जी के बयान से सामने आई, जिसमें उन्होंने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ममता ने कहा, “अगर केंद्रीय बलों में हिम्मत है, तो वे रोज मेरी गाड़ी की जांच कर सकते हैं।”
बता दें, इस घटना के बाद से राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग ने टीएमसी नेताओं और उनके परिजनों के वाहनों की विशेष जांच करने का आदेश दिया है, जो उन्हें पक्षपाती और दखल देने वाला कदम लगता है। तृणमूल कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है और चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, टीएमसी का कहना है कि उन्हें व्हाट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिनमें पुलिस और चुनाव पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे टीएमसी नेताओं की चुनावी गतिविधियों और प्रचार अभियानों पर कड़ी नजर रखें। पार्टी का आरोप है कि यह एक पूर्व-नियोजित और पक्षपातपूर्ण अभियान है, जो पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी नेताओं के लिए इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में सियासी तकरार को और तेज कर दिया है, और अब देखना यह होगा कि सरकार और चुनाव आयोग इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती हैं।









