केदारनाथ मंदिर के ढांचे से छेड़छाड़ का विरोध, चांदी की परत हटाकर लगाई जा रही सोने की परत

केदार घाटी में वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद जय लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने माना कि केदारनाथ मंदिर में मंदिर के ढांचे से कोई भी छेड़खानी नहीं की जानी चाहिए क्योंकि यह भविष्य में खतरनाक साबित हो सकता है।

केदार घाटी में वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद जय लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने माना कि केदारनाथ मंदिर में मंदिर के ढांचे से कोई भी छेड़खानी नहीं की जानी चाहिए क्योंकि यह भविष्य में खतरनाक साबित हो सकता है। गौरतलब है कि केदारनाथ मंदिर में पुरातत्व विभाग के द्वारा अलग ही कलाकारी की जा रही है।

पुरातत्व विभाग द्वारा गर्भ ग्रह में लगाई गई चांदी की परत को हटाकर अब सोने की परत लगाई जा रही है वही कुछ जगहों पर फाइबर सीट भी लगाई जा रही है। केदारनाथ में अखंड ज्योति के सामने गर्भ गृह में आग लगने की भी खबर आई जिसके बाद केदारनाथ धाम के पंडा पुरोहितों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता सुजाता पॉल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मंदिर के गर्भगृह में आग लगना मात्र एक चेतावनी है, अगर ऐसे ही छेड़खानी करेंगे तो इसका अंजाम बुरा होगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में पंडा पुरोहित मंदिर के अंदर हो रहे निर्माण का विरोध कर रहे हैं लेकिन उनकी एक नहीं सुनी जा रही, बड़ी-बड़ी ड्रिल मशीनों से मंदिर के अंदर सुराग बनाए जा रहे हैं जो कि एक अच्छा संकेत नहीं हैं।

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