
हरिद्वार। चारधाम यात्रा के चरम पर पहुँचने के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार की सड़कें वाहनों के बोझ तले दबती नज़र आ रही हैं। रविवार सुबह से ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जो देर रात तक भी नहीं सुलझ पाईं। शहर के अंदरूनी रास्तों पर भी हालत कुछ ऐसी रही कि वाहन रेंगने को मजबूर हो गए और श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी घंटों जाम की पीड़ा झेलनी पड़ी।
वीकेंड के प्लान पर भारी पड़ी भीड़
दरअसल, चारधाम यात्रा के सीज़न के साथ ही रविवार होने की वजह से देश के अलग-अलग राज्यों से भारी तादाद में श्रद्धालु हरिद्वार पहुँचे। लेकिन इस दबाव के मुकाबले यातायात प्रबंधन की तैयारियाँ अपेक्षित रूप से कारगर नहीं दिखीं। शनिवार की देर रात से ही हाईवे पर जाम की शुरुआत हो गई थी, जो रविवार सुबह विकराल रूप ले चुकी थी। प्रशासन ने वीकेंड के लिए जो खास यातायात प्लान बनाया था, वह भी जाम के आगे पूरी तरह बेअसर नज़र आया।
एंबुलेंस भी नहीं बच पाईं जाम की चपेट से
स्थिति इतनी गंभीर रही कि कई जगहों पर एंबुलेंस तक को जाम में फँसकर इंतज़ार करना पड़ा। कड़ी धूप और गर्मी के बीच पुलिसकर्मी लगातार सड़कों पर डटे रहे और यातायात सुचारु कराने की कोशिश करते दिखे, लेकिन वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि राहत मिलने में घंटों लग गए।
श्रद्धालु परेशान, स्थानीय लोग भी हलकान
गंगा स्नान और दर्शन की आस लेकर आए श्रद्धालु जहाँ जाम में घंटों गुज़ारने को मजबूर हुए, वहीं हरिद्वार के स्थानीय नागरिकों का भी रविवार का दिन सड़कों पर ही निकल गया। लोगों का कहना था कि यात्रा सीज़न के दौरान ऐसे हालात आम होते जा रहे हैं और प्रशासन को अभी से ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आने वाले दिनों में स्थिति और न बिगड़े।









