
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के साथ शेड्यूल के टकराव और विज्ञापनों की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की विंडो में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन के चलते पीएसएल को अपनी पारंपरिक जनवरी की विंडो से हटाना पड़ा था, जिससे यह टूर्नामेंट सीधे आईपीएल के साथ टकराने लगा। इस ओवरलैप के कारण शीर्ष खिलाड़ियों की उपलब्धता और ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू पर असर पड़ने की बात सामने आई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में लंदन में पीसीबी और सभी आठों फ्रेंचाइजी मालिकों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह सुझाव लीग के लाइव टेलीकास्ट और स्ट्रीमिंग अधिकार रखने वाली कंपनी वली टेक्नोलॉजी की ओर से आया है। बैठक का मुख्य मुद्दा विज्ञापनों की कमी था, क्योंकि मौजूदा विंडो रमजान के तुरंत बाद पड़ती है, जब विज्ञापनदाता कंपनियां अपने बजट का बड़ा हिस्सा पहले ही खर्च कर चुकी होती हैं। यही वजह है कि फ्रेंचाइजियां चाहती हैं कि टूर्नामेंट को वापस जनवरी के महीने में शिफ्ट किया जाए ताकि आईपीएल के साथ टकराव टाला जा सके।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल के साथ टकराव के बावजूद पीएसएल की लोकप्रियता पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं दिखा है। पीएसएल 2025 ने पाकिस्तान में 3.4 अरब लाइव स्ट्रीमिंग व्यूज के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, और 2026 में भी मजबूत आंकड़े दर्ज किए गए। इसके बावजूद व्यावसायिक हितों और विज्ञापनों की भरमार के लिए पीसीबी इस बड़े बदलाव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।









