BJP-SAD गठबंधन की अटकलों पर विराम… अशोक मित्तल बोले- सुखबीर बादल और PM मोदी की मुलाकात थी सिर्फ औपचारिक बातचीत…

बीजेपी सांसद अशोक कुमार मित्तल ने बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात एक फॉर्मल बातचीत थी। पूरी खबर पढ़ें।

भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच एक बार फिर से राजनीतिक गठबंधन की अटकलें तेज थीं, जिन पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। बीजेपी सांसद अशोक कुमार मित्तल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई मुलाकात मात्र एक फॉर्मल बातचीत थी, जिसे किसी राजनीतिक गठबंधन से जोड़कर देखना गलत है।

मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से नियमित तौर पर मिलते रहते हैं। चूंकि पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, इसलिए प्रधानमंत्री अक्सर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, वहां की राजनीति और ड्रग्स जैसी गंभीर समस्याओं पर अलग-अलग दलों के नेताओं से फीडबैक और सलाह लेते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मीटिंग को लेकर लगाई जा रही सियासी अटकलों का कोई वास्तविक आधार नहीं है।

भले ही बीजेपी और अकाली दल अतीत में लंबे समय तक सहयोगी रहे हों और मिलकर सरकारें भी बनाई हों, लेकिन मित्तल का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक हालात और परिदृश्य को देखते हुए फिलहाल दोनों पार्टियों के फिर से साथ आने की कोई तत्काल संभावना नहीं है।

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने चंडीगढ़ में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक में शिरोमणि अकाली दल ने महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। सुखबीर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से कहा कि उनकी पार्टी सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेती है, जो महिलाओं की गरिमा और बराबरी के अधिकारों की पैरवी करती है। इसके अलावा, अकाली दल ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर भी चर्चा की और मांग की कि एक ऐसी निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाए जो सभी राज्यों के हितों की रक्षा करे। पार्टी ने लोकसभा सीटों में एक समान 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव का भी समर्थन किया है।

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