राजस्थान बीएसटीसी परीक्षा का रिजल्ट घोषित , एक क्लिक में ऐसें चेक करें नतीजे

राजस्थान BSTC (Pre DL Ed) 2026 रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे कैंडिडेट्स के लिए अच्छी खबर है। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU), कोटा ने आज यानी 10 जून को इस एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस एग्जाम में शामिल सभी कैंडिडेट्स राजस्थान BSTC की ऑफिशियल वेबसाइट prelededraj2026.com या vmou.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। जिन कैंडिडेट्स ने एग्जाम पास कर लिया है, वे अब काउंसलिंग प्रोसेस के लिए अप्लाई करने के एलिजिबल हैं।

कैंडिडेट्स वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU) द्वारा तय मिनिमम क्वालिफाइंग मार्क्स पाने के लिए इस काउंसलिंग राउंड में हिस्सा ले सकते हैं। जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए पासिंग मार्क्स कम से कम 50 परसेंट हैं, जबकि रिज़र्व्ड कैटेगरी (SC/ST/OBC/PWD) के कैंडिडेट्स को कम से कम 45 परसेंट एग्रीगेट मार्क्स लाने होंगे। वहीं, जनरल कैटेगरी की विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं को खास छूट दी गई है। इस एंट्रेंस एग्जाम में कैंडिडेट्स को मिली रैंक के आधार पर उन्हें सीटें अलॉट की जाएंगी और एडमिशन प्रोसेस पूरा किया जाएगा।

स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें?

  • सबसे पहले राजस्थान BSTC की ऑफिशियल वेबसाइट prelededraj2026.com पर जाएं।
  • फिर होम पेज पर ‘राजस्थान BSTC रिजल्ट 2026’ लिंक पर क्लिक करें।
  • फिर स्कोरकार्ड डाउनलोड करने का ऑप्शन चुनें।
  • अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर/एप्लीकेशन आईडी और जन्म तिथि जैसी ज़रूरी डिटेल्स डालें।
  • इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।
  • अब अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें।

जाने एग्जाम कब हुआ था ?

राजस्थान BSTC एग्जाम 20 मई को दो फेज में हुआ था। पहले फेज में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरे फेज में दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक एग्जाम हुआ था। एग्जाम के लिए कुल 6,05,242 एप्लीकेशन मिले थे, जिनमें से 4,97,178 कैंडिडेट एग्जाम में शामिल हुए थे। एग्जाम राजस्थान के 41 जिलों में बने 1,774 एग्जाम सेंटर पर हुआ था।

इस एंट्रेंस एग्जाम के ज़रिए राजस्थान के 376 से ज़्यादा DLed कॉलेजों में लगभग 26,000 सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा। इस कोर्स को BSTC के नाम से भी जाना जाता है। यह दो साल का कोर्स है, जिसे पूरा करने के बाद कैंडिडेट राजस्थान थर्ड ग्रेड टीचर लेवल-1 के लिए एलिजिबल हो जाता है। प्राइमरी स्कूलों में टीचर बनने की चाहत रखने वाले कैंडिडेट्स को दो साल का D.L.Ed कोर्स पूरा करना ज़रूरी है।

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