
लखनऊ; मीडिया जगत में सपा-आरएलडी गठबंधन टूटने के कयास जोरों पर हैं. राजनैतिक गलियारों में भी सपा-आरएडी के गठबंधन को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. दोनों दलों के गठबंधन को लेकर चर्चाएं तब तेज हुईं थीं… जब RLD प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने पार्टी की राज्यस्तरीय मान्याता जाने की वजह सपा गठबंधन को बताया था. उन्होंने कहा था पिछले चुनाव में हम सपा के साथ लड़े थे, लेकिन आए परिणामों की वजह से हमारी पार्टी की प्रादेशिक दल की मान्यता चली गई.
रामाशीष राय के इस बयान के बाद आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी की बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने के कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन, पत्रकारों से बात करते हुए रामाशीष राय ने सपा-आरएलडी गठबंधन को लेकर अपना रूख साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि सपा से आरएलडी का गठबंधन जारी रहेगा. आरएलडी चाहती है गठबंधन मजबूत हो, और इस पर हम काम कर रहे हैं.
यूपी आरएलडी अध्यक्ष ने कहा कि पटना बैठक में भले ही जयंत चौधरी नहीं पहुंचे हों लेकिन वह बेंगलुरु बैठक में शामिल होंगे. ओपी राजभर को लेकर उन्होंने कहा कि उनकी बातें स्पष्ट नहीं हैं. वह कभी मायावती तो कभी एनडीए की बातें करते हैं. जब तक उनका रुख साफ न हो कुछ नहीं कहा जा सकता.
आरएलडी का स्टैंड क्लियर करते हुए रामाशीष राय ने कहा कि हम विपक्ष में हैं. हमारा उद्देश्य अपनी पार्टी को मजबूत करना है. 2024 के लोकसभा चुनाव में हम करीब 12 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों को लड़ने की योजना बना रहे हैं.









