सागर अदाणी ने की एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करने के लिए मज़बूत घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की अपील

अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने बुधवार को कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने

अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने बुधवार को कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण बेहद जरूरी है, ताकि युद्ध और वैश्विक संकट जैसी परिस्थितियों के असर से अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।

इकोनॉमिस्ट एंटरप्राइज द्वारा आयोजित “Resilient Futures Summit” में बोलते हुए सागर अदाणी ने कहा कि अब देशों के लिए सिर्फ तेजी से विकास करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि वे किसी भी तरह के संकट का सामना कितनी मजबूती से कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि एक क्षेत्र में संघर्ष कैसे पूरी दुनिया की सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। ऊर्जा बाजार में आए झटके कुछ ही घंटों में पूरी अर्थव्यवस्था को हिला सकते हैं।”

सागर अदाणी ने कहा कि ऊर्जा ही हर विकास की नींव है। जल सुरक्षा के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है—चाहे वह शुद्धिकरण हो, वितरण हो या जल उपचार। इसी तरह खाद्य सुरक्षा के लिए उर्वरक, सिंचाई और लॉजिस्टिक्स में ऊर्जा की भूमिका अहम है।

उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल नेतृत्व के लिए डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को ऊर्जा की जरूरत होती है। आर्थिक स्थिरता के लिए भी सस्ती और पर्याप्त ऊर्जा जरूरी है ताकि आम नागरिक पर बोझ न पड़े।

सागर अदाणी ने कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है तो केवल मामूली वृद्धि पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि संरचनात्मक छलांग लगानी होगी। इसके लिए अगले दो दशकों में लगभग 2000 गीगावॉट नई ऊर्जा क्षमता जोड़ने की आवश्यकता होगी।

उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित तेल और गैस संसाधनों के बावजूद चीन ने कोयला, हाइड्रो, न्यूक्लियर और रिन्यूएबल्स में बड़े स्तर पर निवेश किया है और मजबूत ऊर्जा ढांचा तैयार किया है।

भारत के लिए उन्होंने कहा कि देश को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने के लिए “इलेक्ट्रिफिकेशन ऑफ एवरीथिंग” की दिशा में आगे बढ़ना होगा और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम करनी होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत को एक “पोर्टफोलियो अप्रोच” अपनाना होगा, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी के साथ-साथ हाइड्रो, न्यूक्लियर और एफिशिएंट थर्मल ऊर्जा स्रोतों का संतुलित उपयोग जरूरी है, क्योंकि बिना स्थिर बेसलोड पावर के ऊर्जा जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं।

सागर अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह ऊर्जा ट्रांजिशन में 100 अरब डॉलर के निवेश के साथ भारत की ऊर्जा रीढ़ को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, एयरपोर्ट और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश भी इसी विजन का हिस्सा है।

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