
जनपद के प्रतिष्ठित सीताकुंड घाट पर स्थित एक आश्रम में दो पक्षों के बीच वैचारिक मतभेद को लेकर तीखी कहासुनी और मारपीट का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, आश्रम के संत मौनी महाराज के शिष्य पर दूसरे पक्ष के अजय शुक्ला के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है।
‘सनातन की साख’ के लिए पीड़ित ने साधी थी चुप्पी
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद पीड़ित अजय शुक्ला ने इस पूरे मामले को दबाए रखा और किसी से भी इसकी चर्चा नहीं की। बताया जा रहा है कि पीड़ित का मानना था कि दो सनातनियों के बीच आपसी झगड़े की खबर बाहर जाने से समाज में गलत संदेश जाएगा और सनातन धर्म की छवि प्रभावित होगी। इसी वजह से उन्होंने शुरुआत में इस मामले को लेकर कोई कानूनी कदम नहीं उठाया था।
मारपीट का वीडियो आया सामने
इस मामले में अब एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। घटना के समय का एक वीडियो, जो कि अभी तक सामने नहीं आया था, अब सबके सामने आ चुका है। इस वीडियो में मौनी महाराज के शिष्यों द्वारा अजय शुक्ला के साथ साफ तौर पर मारपीट की जा रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अपनी गलती को छुपाने और मामले को दूसरा मोड़ देने के उद्देश्य से इस घटनाक्रम से जुड़े भ्रामक (गलत) तथ्यों को विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर फैलाया जा रहा था, लेकिन अब इस वीडियो के सामने आने से सच्चाई सबके सामने आ गई है।
पुलिस से FIR और कड़ी कार्रवाई की मांग
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर आने और साक्ष्य (सबूत) के रूप में उपलब्ध होने के बाद अब पीड़ित पक्ष और स्थानीय प्रबुद्ध जनों द्वारा न्याय की गुहार लगाई जा रही है। लोगों का कहना है कि स्थानीय थाना कोतवाली नगर पुलिस को इस नए वीडियो का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष की मांग है कि इस वीडियो को मुख्य आधार मानते हुए अजय शुक्ला की शिकायत पर सुसंगत धाराओं में तत्काल अभियोग (FIR) पंजीकृत किया जाना चाहिए। साथ ही, माहौल खराब करने व मारपीट करने वाले दोषी व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।









