
लखनऊ- सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने बड़ा बयान दिया है. ज्ञानवापी पर CM के दिए बयान पर स्वामी प्रसाद मौर्य बोले है. स्वामी प्रसाद ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद है इसलिए मामला कोर्ट पहुंचा है.
अगर मस्जिद ना होती तो केस कोर्ट में नहीं जाता. 5 वक्त की अभी भी वहां पर नमाज पढ़ी जा रही है.
स्वामी प्रसाद ने कहा कि ‘जबतक कोर्ट का फैसला नहीं आता वो ज्ञानवापी मस्जिद है’सीएम योगी उच्च न्यायालय से बड़े नही हैं. पूरा निर्णय उच्च न्यायालय पर छोड़ देना चाहिए. बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर का सर्वे होना चाहिए.राष्ट्रपति को भी मंदिर जाने से रोका गया. आदिवासी, दलित और पिछड़ों का अपमान हुआ.
धर्म के ठेकेदारों को ये अपमान नहीं दिखता.सीएम आवास को गंगाजल और गोमूत्र से धोया गया. एक वर्ग के लिए हिंदू धर्म बनाया गया है.यह आदिवासी, दलितों का धर्म होता तो अपमान नहीं होता. शायद मंदिर में जाने से राष्ट्रपति को न रोकते. भारत की पहचान बौद्ध दर्शन से और बुध से है. अगर हिंदू-बौद्ध एक हैं तो बौद्ध धर्मस्थल क्यों तोड़े. बौद्ध धर्म स्थलों को तोड़कर मंदिर क्यों बनाया गया. हिंदू और बौद्ध एक होते तो बौद्ध मठ नहीं तोड़े जाते.









