
नई दिल्ली/दुबई। टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल दुरोव ने भारतीय दूरसंचार कंपनी रिलायंस पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। दुरोव ने दावा किया है कि रिलायंस कथित रूप से बीजीपी हाइजैकिंग (BGP Hijacking) के ज़रिए भारत की सीमाओं के बाहर, विशेषकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई अन्य देशों में, लाखों यूज़र्स की टेलीग्राम तक पहुँच को प्रभावित कर रही है। दुरोव ने इस कृत्य को “जानबूझकर की गई तोड़फोड़” (Intentional Sabotage) करार देते हुए कहा कि कई बार शिकायत और रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बावजूद रिलायंस ने इस गंभीर तकनीकी समस्या को लगातार नज़रअंदाज़ किया है।
प्रतिस्पर्धी लड़ाई का एंगल भी किया उजागर
पावेल दुरोव ने अपने विस्फोटक बयान में यह आरोप भी लगाया कि यह पूरा मामला एक प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक लड़ाई से भी गहराई से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने इस ओर इशारा करते हुए कहा कि रिलायंस के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ में मेटा/फेसबुक की अल्पमत हिस्सेदारी है। हालाँकि, आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि फेसबुक ने वर्ष 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ही इसमें नियंत्रक स्वामित्व (कंट्रोलिंग ओनरशिप) बनी हुई है।
नेटवर्क ऑपरेटर्स से अनधिकृत BGP घोषणाओं को अस्वीकार करने की अपील
दुरोव ने दुनिया भर के नेटवर्क ऑपरेटर्स से सीधी अपील करते हुए कहा कि वे रिलायंस के AS18101 से आने वाली सभी अनधिकृत BGP घोषणाओं (Unauthorized BGP Announcements) को तत्काल प्रभाव से अस्वीकार (Reject) करें, ताकि इस रूट हाइजैकिंग को रोका जा सके और वैश्विक इंटरनेट पहुँच को स्थिर एवं सुरक्षित बनाए रखा जा सके। तकनीकी रिकॉर्ड की मानें तो AS18101 रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से संबद्ध दिखाई देता है, जबकि रिलायंस जियो इन्फोकॉम का पूर्णतः अलग ASN नंबर AS55836 है। ऐसे में इस मामले के तकनीकी पहलू की गहन और निष्पक्ष जाँच बेहद अहम और आवश्यक हो गई है।









