कानपुर नगर निगम में टेंडरिंग का ‘माफिया खेल’… 6 पर दर्ज एफआईआर, 7 फर्में की गई ब्लैकलिस्ट…

कानपुर नगर निगम में टेंडर मैनेजमेंट का खुलासा। मुख्यमंत्री की फटकार के बाद 6 एफआईआर दर्ज, 7 फर्में ब्लैकलिस्ट। गोविंद शर्मा फरार, अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम में ऑनलाइन टेंडरिंग व्यवस्था के बीच लॉटरी सिस्टम के जरिए टेंडर मैनेज करने का एक बड़ा ‘माफिया खेल’ उजागर हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, सैकड़ों करोड़ रुपये के टेंडरों को करीब 85 प्रतिशत डाउन तक मैनेज किया जाता था, जिसमें गोविंद शर्मा एंड कंपनी का सीधा प्रभाव और हस्तक्षेप बताया जा रहा है। मामले की भनक लगते ही मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लगाई गई कड़ी फटकार के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त के निर्देश पर विभिन्न धाराओं में 6 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इसके साथ ही टेंडरिंग के इस खेल में शामिल 7 ठेकेदार फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है तथा उनके बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। मामले का मुख्य आरोपी गोविंद शर्मा फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर और फरार बताया जा रहा है।

हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बाद नगर निगम के प्रशासनिक रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि केवल छोटे कर्मचारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि इतने बड़े पैमाने पर टेंडर मैनेजमेंट का खेल बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं था। फिलहाल जांच एजेंसी टेंडर प्रक्रिया से लेकर बिलों के भुगतान तक में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है और जल्द ही कई बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है।

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