‘ED रेड की लंबी लिस्ट BJP की हताशा का सबूत’… पवन खेड़ा ने सुरजेवाला का किया समर्थन…

कर्नाटक में ईडी की रेड पर कांग्रेस आक्रामक। पवन खेड़ा और रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया।

कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED) की कार्रवाई को लेकर जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को AICC जनरल सेक्रेटरी रणदीप सिंह सुरजेवाला का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल सेक्युलर गठबंधन पर राजनीति से प्रेरित “विच हंट” (शिकार अभियान) चलाने का गंभीर आरोप लगाया है।

बता दें, रणदीप सिंह सुरजेवाला के बयानों को दोहराते हुए पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि ईडी की छापेमारी की यह लंबी सीरीज किसी भी तरह के वित्तीय गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के ठोस सबूत नहीं देती, बल्कि यह बीजेपी और जेडीएस की राजनीतिक असुरक्षा और घबराहट को साफ तौर पर दर्शाती है। खेड़ा ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार जनता से किए गए अपने चुनावी वादों और गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन छापों से सरकार का कामकाज रुकने वाला नहीं है।

इससे पहले रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि राज्य में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा है। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस नेता और प्रमुख एसटी नेता सतीश जरकीहोली के खिलाफ हाल ही में हुई ईडी की कार्रवाई का जिक्र किया। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि चुनावों में हार का सामना करने के बाद बीजेपी हताशा में इस तरह के हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर और कई अन्य मंत्रियों व विधायकों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और कुछ अन्य विपक्षी नेताओं से जुड़े मामलों में अभियोजन की मंजूरी लंबे समय से कर्नाटक के राज्यपाल के पास लंबित क्यों है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इस प्रकार के दबाव और धमकियों के बावजूद पार्टी और सरकार झुकने वाली नहीं है। वे कर्नाटक की जनता की सेवा करते रहेंगे और अपनी सभी गारंटियों को धरातल पर उतारना जारी रखेंगे। इस बयानबाजी के बाद राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और अधिक तेज हो गया है।

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