को-वर्किंग सेक्टर में जबरदस्त उछाल: FY25 बना कमर्शियल रियल एस्टेट का सबसे बेहतरीन साल

मैनेजिंग डायरेक्टर अमित रामानी ने बताया कि को-वर्किंग स्पेस की मांग में बूम आया है और उनका मॉडल इस वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है।

📈 Awfis ने दर्ज की 40% से अधिक ग्रोथ, FY25 में 1.35 लाख सीटों का लक्ष्य लगभग पूरा

स्टार्टअप्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार के साथ भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर अभूतपूर्व तेजी से आगे बढ़ रहा है। Awfis Space Solutions के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमित रामानी ने बताया कि को-वर्किंग स्पेस की मांग में बूम आया है और उनका मॉडल इस वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है।

🏬 सेक्टर का आकार तीन गुना हुआ, को-वर्किंग का योगदान 20% तक पहुंचा

कोविड के बाद बीते तीन वर्षों में यह सेक्टर 25 मिलियन स्क्वायर फीट से बढ़कर 75 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया है। FY25 में कुल 77 मिलियन स्क्वायर फीट की लीजिंग हुई, जिसमें को-वर्किंग का हिस्सा 15 मिलियन स्क्वायर फीट यानी कुल का 20% रहा।

🚀 Awfis का परफॉर्मेंस बाजार की उम्मीदों से बेहतर

  • पहले 9 महीनों में 41% ग्रोथ दर्ज, साल भर में 40% ग्रोथ का अनुमान
  • अब तक 1.2 लाख सीटें संचालित, साल के अंत तक 1.35 लाख सीटों का लक्ष्य
  • देशभर में 200 से ज्यादा सेंटर, FY25 के अंत तक 220 सेंटर का लक्ष्य

🏗️ रिस्क कम करने के लिए “मैनेज्ड एग्रीगेशन मॉडल”

Awfis ने लीज और इन्वेस्टमेंट से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए एसेट-लाइट मॉडल अपनाया है। इसमें लैंडलॉर्ड्स (HNIs, फैमिली ऑफिस आदि) फिट-आउट में निवेश करते हैं और बदले में उन्हें मुनाफे का बड़ा हिस्सा मिलता है। इस मॉडल से:

  • 65% पोर्टफोलियो कवर
  • 86% रिटर्न ऑन कैपिटल
  • 180+ लोकेशंस में सफलतापूर्वक लागू

🏙️ टियर-1 शहरों में ज्यादा फोकस, टियर-2 में भी विस्तार

Awfis के 89% सेंटर टियर-1 शहरों में हैं, जबकि 11% टियर-2 लोकेशंस में। कंपनी का लक्ष्य ग्रोथ के साथ-साथ प्रॉफिटबिलिटी बनाए रखना है।

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