यूनियन कैबिनेट ने छोटे डिजिटल लेन-देन के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को दी मंजूरी

ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त बोझ के UPI का उपयोग कर सकेंगे। छोटे व्यापारियों को ₹2,000 तक के लेन-देन पर 0.15% का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वे डिजिटल भुगतान को बिना किसी लेन-देन शुल्क के अपना सकेंगे।

सरकारी योजना के उद्देश्य
केंद्र सरकार ने बुधवार को छोटे डिजिटल लेन-देन के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य UPI इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न पक्षों की लागत को कम करना है। यह योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक लागू की जाएगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इस योजना को अगले साल भी जारी रखा जाएगा।

योजना की विशेषताएँ
इस योजना के तहत, छोटे व्यापारी जो UPI पेमेंट स्वीकार करते हैं, उन्हें प्रति लेन-देन 0.15% की दर से प्रोत्साहन मिलेगा, जो ₹2,000 तक के लेन-देन पर लागू होगा। इस पहल के जरिए सरकार छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।

डिजिटल भुगतान में वृद्धि
सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, डिजिटल भुगतान लेन-देन की कुल संख्या FY 2021-22 में 8,839 करोड़ से बढ़कर FY 2023-24 में 18,737 करोड़ हो गई है, जिसमें UPI का बड़ा योगदान रहा है। UPI लेन-देन 2021-22 में 4,597 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 13,116 करोड़ तक पहुँच गया है।

आम आदमी के लिए लाभ
यह योजना छोटे UPI लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए है, जिसमें अब ग्राहकों को अपने पसंदीदा स्थानीय दुकानों पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के डिजिटल भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। चाहे वह किराना सामान, चाय या अन्य दैनिक आवश्यकताएँ हों, ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त बोझ के UPI का उपयोग कर सकेंगे। छोटे व्यापारियों को ₹2,000 तक के लेन-देन पर 0.15% का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वे डिजिटल भुगतान को बिना किसी लेन-देन शुल्क के अपना सकेंगे।

कैसे काम करेगा यह प्रोत्साहन

  • शून्य MDR: UPI लेन-देन पर कोई Merchant Discount Rate (MDR) शुल्क नहीं लगेगा, जिससे डिजिटल भुगतान सस्ते होंगे।
  • डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना: छोटे व्यापारियों को प्रति लेन-देन 0.15% का प्रोत्साहन मिलेगा, जो ₹2,000 तक के लेन-देन पर लागू होगा।
  • बड़े व्यापारियों को कोई लाभ नहीं: यह प्रोत्साहन केवल छोटे व्यापारियों के लिए है, जिससे स्थानीय व्यवसायों को मदद मिलेगी।

प्रोत्साहन वितरण की प्रक्रिया
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत राशि का 80% बैंक को बिना किसी शर्त के तिमाही आधार पर वितरित किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज होगी। शेष 20% तब दिया जाएगा जब बैंक उच्च सेवा मानकों को बनाए रखें, जैसे कि यदि बैंक का तकनीकी विफलता दर 0.75% से कम है तो 10% बोनस मिलेगा, और यदि सिस्टम की कार्यशीलता 99.5% से अधिक रहती है तो 10% बोनस मिलेगा।

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