
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेता और बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सीबीआई की टीम ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में उत्तर प्रदेश से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा है। इन गिरफ्तारियों के तार यूपी की राजधानी लखनऊ और बलिया जिले से जुड़े हैं।
सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुख्ता सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी विकास मिश्रा को लखनऊ के हजरतगंज इलाके के अशोक मार्ग पर स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया। वहीं, मामले के दूसरे आरोपी गोलू सिंह को यूपी के बलिया जिले से गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
हिस्ट्रीशीटर मोनू ने गैंगस्टर कोर्ट में किया सरेंडर
इस बीच, मामले से जुड़े एक अन्य मुख्य आरोपी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू ने गुरुवार को बलिया की गैंगस्टर एक्ट अदालत (कोर्ट) में खुद को कानून के हवाले करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मोनू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाला ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू एक शातिर हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में 12 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीबीआई अब इन तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर चंद्रनाथ रथ की हत्या की पूरी साजिश और इसके पीछे के मुख्य चेहरों का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।









