UP : कोर्ट के आदेश को ठेंगा ? जमीन के लिए भिड़े बीजेपी के दो दिग्गज विधायक, कोतवाली पहुंची शिकायत

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही रार मच गई है। जिले के दो कद्दावर विधायक जमीन के एक विवाद को लेकर आमने-सामने आ गए हैं, जिससे जिले का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के नवीन मंडी का है, जहाँ ‘बीजेपी बनाम बीजेपी’ की लड़ाई अब सड़क से लेकर थाने तक पहुँच गई है।

जबरन कब्जे का संगीन आरोप

मोहान से बीजेपी विधायक ब्रजेश रावत ने सदर विधायक पंकज गुप्ता और उनकी बहन दीप्ती गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ब्रजेश रावत के मुताबिक, नवीन मंडी स्थित उनकी और उनके भाई के नाम की जमीन पर पंकज गुप्ता अपने समर्थकों के साथ मिलकर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि विधायक पंकज गुप्ता के 15-20 लोग विवादित जमीन पर पहुँचे और वहां दीवार खड़ी कर दी।

अदालत की अवमानना और धमकी

विधायक ब्रजेश रावत का दावा है कि इस जमीन का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य कराया गया। जब रावत के पक्ष ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद विधायक ब्रजेश रावत के भाई राजेश रावत ने सदर कोतवाली में लिखित तहरीर दी है।

पुलिस की चुप्पी पर सवाल

हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस प्रशासन भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। चर्चा है कि दोनों पक्षों के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस मामले को सुलझाने के बजाय दबाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल, इस ‘गृहयुद्ध’ ने संगठन के भीतर भी खलबली मचा दी है।

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