अमेरिका-ईरान डील से भारत की ‘बल्ले-बल्ले, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से घटेगा पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम, जानिए और क्या क्या होंगे फायदे

अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते ने न केवल मध्य पूर्व में युद्ध के बादलों को छांट दिया है, बल्कि इसका सीधा और बड़ा फायदा भारत को मिलने वाला है। शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले आधिकारिक हस्ताक्षर के साथ ही ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से व्यापार के लिए खोल दिया जाएगा। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है और इसके सामान्य होने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहत की बड़ी खबर आई है।

कच्चे तेल की आपूर्ति होगी सुगम, घटेगी लागत
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल खाड़ी देशों से आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। महीनों से जारी तनाव और नाकाबंदी के कारण तेल की निर्बाध आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। अब रास्ता खुलने से तेल की सप्लाई सुनिश्चित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में स्थिरता आएगी, बल्कि शिपिंग के दौरान लगने वाले ‘लॉजिस्टिक्स’ और माल ढुलाई के खर्च में भी भारी कमी आएगी।

आम आदमी को महंगाई से मिलेगी निजात
माल ढुलाई लागत कम होने का सीधा असर भारत में महंगाई की दर पर पड़ेगा। जब कच्चे तेल का आयात सस्ता होगा, तो घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव कम होगा। परिवहन लागत घटने से फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी स्थिर होंगे। आर्थिक जानकारों के मुताबिक, इस समझौते से भारतीय रुपये को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। भारत के लिए यह समझौता कूटनीतिक और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित होने जा रहा है।

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