केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले उत्तराखंड के सीएम धामी, प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा..

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के सीएसआईएसएसी (कम्पोनेंट-1)  में अनुमन्य अनुदान को 20 प्रतिशत से बढाकर 40 प्रतिशत किये जाने का अनुरोध किया.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा सहायतित एवं सहकारिता द्वारा अनुदानित CSISAC (Component-1) के तहत राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना संचालित की जा रही है. राज्य में सहकारी क्षेत्र में गठित विभिन्न सहकारी संस्थाओं को व्यवसायिक रूप से शुद्ध इकाई बनाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को प्रदेश सरकार द्वारा एक महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत की गयी है .

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आज नई दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी, गृह मंत्री श्री अमित शाह जी, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी, भाजपा शीर्ष नेतृत्व समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी की नामांकन प्रक्रिया के अवसर पर उपस्थित रहा। मेरी ओर से श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। Pushkar Singh Dhami (@pushkarsinghdhami) 24 June 2022

इसमें संयुक्त सहकारी खेती व अन्य कृषि एवं सहवर्ती व्यवसायों को सामूहिक रूप से उत्पादन वृद्धि तथा उनका मूल्य संवर्द्धन कराते हुए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था की गयी। इसकी सैद्धान्तिक एवं वित्तीय स्वीकृति राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा प्रदान की थी. उक्त स्वीकृत योजना का शुभारम्भ प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियां होने के फलस्वरूप सहकारी समितियों को व्यवसायिक इकाई के रूप में स्थापित किया जाना अत्यन्त चुनौतिपूर्ण है तथा इसके लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होगी.

 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री से हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के CSISAC (Componant-1) में अनुमन्य अनुदान को 20 प्रतिशत के स्थान पर 40 प्रतिशत किये जाने का अनुरोध किया. जिससे कि राज्य की सहकारी संस्थायें ऋण धनराशि वहन करने में समर्थ हो सके. 

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