
मॉस्को/बीजिंग: वैश्विक कूटनीति के केंद्र अब बीजिंग की ओर मुड़ गए हैं। रूसी न्यूज़ एजेंसी TASS के मुताबिक, क्रेमलिन ने गुरुवार को आधिकारिक पुष्टि की है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आगामी चीन दौरे की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही आधिकारिक तारीखों का ऐलान किया जाएगा। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं।
पुतिन का दौरा: क्या है क्रेमलिन की तैयारी?
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ब्रीफिंग के दौरान कहा, “दौरा तैयारी के आखिरी स्टेज में है और बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी।” हालांकि पुतिन के इस दौरे का विस्तृत एजेंडा अभी साझा नहीं किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इसमें सुरक्षा और व्यापारिक समझौतों पर जोर रहेगा। इससे पहले 9 मई को पुतिन ने संकेत दिया था कि उन्होंने यूक्रेन मुद्दे पर भारत, चीन और अमेरिका को ‘सिचुएशनल अपडेट’ दिया है, जिससे कीव के साथ तीन दिवसीय सीजफायर संभव हो सका था।
ट्रंप-शी मुलाकात: व्हाइट हाउस आने का न्योता
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान द्विपक्षीय रिश्तों में नई गर्मजोशी देखी गई। ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी मैडम पेंग को 24 सितंबर को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि राष्ट्रपति शी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (तेल व्यापार का प्रमुख मार्ग) को खुलते देखना चाहते हैं और वे वैश्विक शांति के लिए मदद को तैयार हैं।
“सहयोग से फायदा, टकराव से नुकसान” – शी जिनपिंग
बीजिंग में आयोजित स्टेट बैंक्वेट (सरकारी दावत) के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बेहद सकारात्मक लहजा अपनाया। उन्होंने कहा कि चीन का “बड़ा कायाकल्प” और अमेरिका का “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” एजेंडा एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। शी ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी जोड़ा कि दोनों देशों को इस रिश्ते को “कामयाब बनाना चाहिए और इसे कभी खराब नहीं करना चाहिए,” क्योंकि यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय कनेक्शन है।









