
डिजिटल डेस्क- साल 2023 चल रहा है. 2023 अभी आधा बचा हुआ है. अगस्त का महीना चल रहा है. और बीते 6 महीने के अंदर ही हजारों लोगों ने भारत की नागरिकता को छोड़ दिया है. महज 6 महीनों में 87 हजार से ज्यादा लोगों ने भारत की नागरिकता को छोड़ दिया है.
इसी पर बीते 5 सालों की बात करें तो करीब 8 लाख लोगों ने भारत को छोड़कर दूसरे देशों में पनाह ले रखी है. इस मामले पर सरकार की ओर से कहा गया है कि लोग अपने निजी कारणों के चलते भारत से बाहर जा रहे है.
अब इस बात को सुनकर ख्याल यहीं आता है कि आखिर इतने लोग भारत को छोड़ क्यों रहे हैं ?
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जानकार लोग इसके कई कारण बताते हैं, कि सबसे पहला करियर,अच्छी जीवन शैली, शिक्षा के बेहतर मौके,बेहतर स्वास्थ्य सेवा,साफ-सुथरी हवा ये सब हो सकता हैं. इसके अलावा अन्य देशों की तरह भारत दोहरी नागरिकता नहीं देता है. ऐसे में विदेशी नागरिकता हासिल करने वाले भारतीयों को औपचारिक रुप से भारत की नागरिकता छोड़नी पड़ती है. हालांकि इसके अलावा भी कई वजह हो सकती हैं.
राज्यसभा में सांसद संदीप कुमार की ओर से इस मामले में कुछ सवाल पूछे गए. भारतीय नागरिकता छोड़ने और अन्य देशों की नागरिकता लेने वालों की संख्या कितनी हैं. दूसरा इनमें से कितने कारोबारी हैं,तीसरा क्या सरकार ने इस बारे में कोई स्टडी की हैं. ये लोग देश क्यों छोड़ रहें हैं.
सरकार की ओर से राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने जानकारी दी है कि इस साल जून 2023 तक यानी महज 6 महीनों में ही 87 हजार 26 लोग भारत की नागरिकता छोड़ चुके हैं. जारी आंकड़े में 2018 में (1 लाख 34 हजार 561), 2019 में (1 लाख 44 हजार 17), 2020 में (85 हजार 256), 2021 में (1 लाख 63 हजार 370), 2022 में (2 लाख 25 हजार 620) लोग भारत की नागरिकता छोड़ चुके हैं.
साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि 2011 में (1 लाख 22 हजार 819), 2012 में (1 लाख 20 हजार 923), 2013 में (1 लाख 31 हजार 405), 2014 में (1 लाख 29 हजार 328), 2015 में (1 लाख 31 हजार 489), 2016 में (1 लाख 41 हजार 603) और 2017 में (1 लाख 33 हजार 49) लोगों ने भारत की नागरिकता छोड़ दी.
कहां जा रहे भारतीय लोग ?
भारत को छोड़ने के बाद लोगों की पहली पसंद अमेरिका हैं, इसके बाद लोग कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,इटली और ब्रिटेन जैसी जगहों को चुन रहे है.









