डोनाल्ड ट्रंप का ‘पीस बोर्ड’ में किन देशों ने जुड़ने से किया इनकार, जानें पूरी सूची

डोनाल्ड ट्रंप का 'पीस बोर्ड' अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य देशों के बीच संघर्षों को सुलझाना और शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देना है। ट्रंप ने इसे ऐसे समय में स्थापित किया है जब वैश्विक राजनीति में कई गंभीर मुद्दे और संघर्ष चल रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्थापित ‘पीस बोर्ड’ के गठन में कई देशों ने शामिल होने से इनकार कर दिया है। यह बोर्ड वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई एक पहल है, लेकिन कई प्रमुख देशों ने इसके साथ जुड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इस बोर्ड का उद्देश्य वैश्विक समस्याओं का हल निकालने और देशों के बीच शांति बनाए रखने के लिए एक मंच प्रदान करना था।

डोनाल्ड ट्रंप का ‘पीस बोर्ड’ अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य देशों के बीच संघर्षों को सुलझाना और शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देना है। ट्रंप ने इसे ऐसे समय में स्थापित किया है जब वैश्विक राजनीति में कई गंभीर मुद्दे और संघर्ष चल रहे हैं। यह पहल खासकर उन देशों के लिए है जिनके बीच युद्ध या तनाव की स्थिति है, ताकि वे आपसी मतभेदों को सुलझा सकें।

हालांकि, कई देशों ने इस पहल का समर्थन नहीं किया है। प्रमुख देशों की सूची में वे राष्ट्र शामिल हैं जिन्होंने इस बोर्ड से जुड़ने से इनकार किया है, वहीं कई देशों ने जुड़ने के लिए हाँ किया हैं।

ट्रंप की पीस बोर्ड की बैठक में अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अज़रबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्त्र, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, वियतनाम ये सभी देश शामिल है।

इसके अलावा, कुछ यूरोपीय देश और दक्षिण अमेरिकी राष्ट्रों ने भी इस बोर्ड में शामिल होने से इनकार किया है।

फिलहाल ये कई देश है जो जुड़ने को तैयार नहीं है जिसमें फ्रांस, नॉर्वे, स्लोवेनिया, स्वीडन,ब्रिटेन, कंबोडिया, चीन, क्रोएशिया, जर्मनी, इटली, यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा, पैराग्वे, रूस, सिंगापुर, यूक्रेन हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने इन देशों के निर्णय पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वे ‘पीस बोर्ड’ को बनाने के अपने मिशन में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इस पहल को वैश्विक शांति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि जो देश इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं, उन्हें समय के साथ यह समझ में आएगा कि शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के प्रयासों की जरूरत है।

ट्रंप का ‘पीस बोर्ड’ एक महत्वाकांक्षी योजना है, लेकिन कई देशों ने इसे लेकर संदेह और आशंका जताई है। हालांकि, ट्रंप का कहना है कि उनकी यह पहल अंततः सफलता प्राप्त करेगी और अंतरराष्ट्रीय शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। अब यह देखना होगा कि आगे चलकर इस बोर्ड की योजना किस प्रकार से कार्यान्वित होती है और क्या अन्य देश इसमें शामिल होते हैं।

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