
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में अभिनेता राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने उन्हें 13 अक्टूबर तक शिकायतकर्ता को देय राशि में से 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि भुगतान होने के बाद ही हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर विचार किया जाएगा।
कोर्ट में 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे राजपाल यादव
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव खुद सुप्रीम कोर्ट में मौजूद थे। उनके पास 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) था, जिसे उन्होंने अदालत में पेश किया। बाकी 85 लाख रुपये उनकी प्रॉपर्टी खरीदने वाले एक खरीदार के जरिए 13 अक्टूबर तक चुकाए जाने हैं। वह खरीदार भी राजपाल यादव के साथ कोर्ट में मौजूद था।
राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, सजा बढ़ाने की चेतावनी। चेक बाउंस के सात मामलों में राजपाल यादव को कड़ी फटकार। दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा के खिलाफ याचिका पर सुनवाई। अदालत में खुद पेश हुए अभिनेता राजपाल यादव
जस्टिस बागची ने सजा बढ़ाने की चेतावनी दी। फिल्म ‘अता पता लापता’ में नुकसान का हवाला दिया। “मेरे 17 करोड़ डूब गए, एक रुपया नहीं कमाया” राजपाल “जब चाहो, जहाँ भेज दो, मैं तैयार हूँ” राजपाल यादव। राजपाल ने अदालत में ₹1.15 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट पेश किए। सुप्रीम कोर्ट ने ड्राफ्ट कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने रवैये पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर उनकी सजा बढ़ाई भी जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि बार-बार समय सिर्फ इसलिए दिया जा रहा है, ताकि शिकायतकर्ता को उसका पैसा मिल सके। अदालत ने यह भी कहा कि कानून का इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
CJI और राजपाल यादव के बीच हुआ हल्का-फुल्का संवाद
सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) और राजपाल यादव के बीच हल्का-फुल्का संवाद भी हुआ। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुए भारी वित्तीय नुकसान का जिक्र किया।
राजपाल यादव ने कहा कि फिल्म की वजह से उन्हें 200-250 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था और प्रोड्यूसर भी बर्बाद हो गए थे। इस पर CJI ने चुटकी लेते हुए कहा कि जैसे उनकी मूवी ‘अतापता लापता’ है, वैसे ही उनका पैसा भी ‘अतापता लापता’ हो गया है।
राजपाल यादव ने हाथ जोड़कर कहा- प्रणाम करता हूं सर
CJI की बात पर राजपाल यादव ने हाथ जोड़कर कहा, ‘प्रणाम करता हूं सर।’ इसके बाद CJI ने मजाकिया अंदाज में उन्हें सलाह दी कि वह एक अच्छी फिल्म बनाएं और लोगों का मनोरंजन करें।
CJI ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में बहस करने वाले वकील भी अच्छे कलाकार हैं और उन्हें अपनी फिल्मों में कास्ट किया जा सकता है। सजा बढ़ाने की बात पर राजपाल यादव ने कहा, “मेरे 17 करोड़ डूब गए, एक रुपया नहीं कमाया, जहां चाहें वहांं भेज दें, मैं तैयार हूं।
लोन विवाद पर राजपाल यादव ने दी सफाई
कोर्ट परिसर में लोन विवाद पर सफाई देते हुए राजपाल यादव ने कहा कि फिल्मों के निर्माण के लिए कभी बैंक या बाजार से इस तरह के लोन नहीं लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोन घर बनाने या जमीन खरीदने के लिए लिए जाते हैं, फिल्में बनाने के लिए नहीं।
राजपाल यादव ने कहा कि यह या तो एक पैकेज डील होती है या फिर इन्वेस्टमेंट। उन्होंने कहा कि वह खुद अपने दम पर सौ फिल्में कर रहे हैं, तो उन्हें फिल्म बनाने के लिए लोन की क्या जरूरत पड़ेगी?
न्यायपालिका पर भरोसा जताया
कोर्ट की सख्ती और निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें अपने देश, सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा और अत्यधिक सम्मान है। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला आएगा और जहां से भी आएगा, वह सभी को पूरी तरह स्वीकार होगा।
2010 से जुड़ा है पूरा मामला
गौरतलब है कि यह पूरा मामला साल 2010 का है। उस समय फिल्म ‘अतापता लापता’ के लिए ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से राजपाल यादव ने कथित तौर पर लोन लिया था।
लोन चुकाने के लिए दिए गए 1.05 करोड़ रुपये के 7 चेक बाउंस हो गए थे। इसके बाद कानूनी विवाद शुरू हुआ। राजपाल यादव का कहना है कि यह विवाद 5 करोड़ रुपये की देनदारी से जुड़ा है। वहीं, फिल्म के फ्लॉप होने से उन्हें बड़ा वित्तीय झटका लगा था।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 13 अक्टूबर तक 2 करोड़ रुपये चुकाने की सख्त मोहलत दी है।









