
अबोहर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को अबोहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत राज्य की 37.43 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 1,291 करोड़ रुपये की सम्मान राशि ट्रांसफर की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजना के दायरे में एक करोड़ महिलाओं को शामिल करना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक करीब 80 लाख महिलाओं का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने योजना को महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को मजबूत करने वाली पहल बताया। उन्होंने घोषणा की कि नए साल के तोहफे के रूप में पहली जनवरी को सभी पंजीकृत पात्र महिलाओं के खातों में तीन महीने की सहायता राशि एकमुश्त जमा कराई जाएगी।
1,291 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत पंजाब की 37.43 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें अपने फैसले खुद लेने में सक्षम बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 तक योजना के तहत 80.05 लाख महिलाएं पंजीकरण करा चुकी थीं। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को योजना के दायरे में लाना है।
उन्होंने कहा कि योजना में परिवार के आधार पर कोई बंदिश नहीं रखी गई है। यदि एक परिवार में तीन पात्र महिलाएं हैं, तो तीनों को योजना का लाभ मिल सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत सालाना 12,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
अब तक 3,934.80 करोड़ रुपये बांटने का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा किस्त से पहले योजना के तहत 76.35 लाख महिलाओं को 2,643.71 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके थे। नई राशि के हस्तांतरण के बाद कुल वित्तीय सहायता 3,934.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी जरूरतों के अनुसार फैसले ले सकें और आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकें।
सत्कार सखियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मिलेगा लाभ
योजना के पंजीकरण में सहयोग करने वाली महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया के लिए 1,37,723 सत्कार सखियां काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सत्कार सखियों को उनके योगदान के लिए 51.30 करोड़ रुपये का मानदेय दिया जाएगा। वहीं, पंजीकरण प्रक्रिया में जुटी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी 25 करोड़ रुपये का लाभ देने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगली किस्त 1 दिसंबर को जारी की जाएगी। इसके बाद 1 जनवरी को पात्र लाभार्थियों के खातों में तीन महीने की सहायता राशि जमा कराई जाएगी।
मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 54 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं और 90 प्रतिशत घरों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में 70,685 सरकारी नौकरियां योग्यता के आधार पर दी गई हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य सरकारी खजाने का इस्तेमाल जनकल्याण और विकास कार्यों के लिए करना है।
शिक्षा और सिंचाई परियोजनाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक बदलाव का प्रमुख माध्यम बताते हुए सरकारी स्कूलों में सुधार की बात कही। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के 80 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की थी, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई।
सिंचाई व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 1,587 ऐसे गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है, जहां पहले नहरी पानी नहीं पहुंचता था। उन्होंने बताया कि सरकार ने नहरी सिंचाई के विस्तार के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और 45,000 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण एवं उन्नयन का काम किया जा रहा है।
विपक्षी दलों पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के पास पंजाब के विकास के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और वे राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने पार्टी में अंदरूनी मतभेद होने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए काम करती रहेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुताबिक, मांवां-धियां सत्कार योजना के जरिए महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।









