
यूपी के बलरामपुर में भारत-नेपाल दोनों देशों की नागरिकता और पहचान से जुड़े डॉक्यूमेंट्स रखने के आरोप में बॉर्डर इलाके के जरवा में 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी स्कीमों का फायदा भी उठाया है। पुलिस सुपरिटेंडेंट (SP) विकास कुमार के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के लेटर के आधार पर जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बता दे कि नेपाल के डांग जिले के कोयलाबास गांव के 25 लोगों ने अवैध रूप से भारत का आधार कार्ड और वोटर ID कार्ड बनवा लिया। जिला प्रशासन की जांच के बाद जरवा थाने में केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपी फिलहाल जरवा के बालापुर, अनवरडीह और तुलसीपुर के शीतलापुर रिजवान गली में रह रहे हैं। दोहरी नागरिकता रखने वाले सभी लोग मुस्लिम समुदाय के हैं, जिनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं।
इतने लोगो की हुई पुष्टि
अब्दुल कादिर सिद्दीकी, सलीम सिद्दीकी, अब्दुल रहमान, अब्दुल अजीज सिद्दीकी, अब्दुल अलीम सिद्दीकी, मोहम्मद अनस सिद्दीकी, खुतिजा खातून पत्नी अब्दुल अजीज, अब्दुल वहीद सिद्दीकी, अब्दुल करीम सिद्दीकी, समीउल्लाह, अब्दुल रहमान सिद्दीकी, निसार अहमद, फातिमा सिद्दीकी पत्नी श्री अतीउल्लाह, अब्दुल रहीम, जकरुन्निशा पत्नी अब्दुल रहीम, जहीर खातून पत्नी अब्दुल रहमान, सनाउल्लाह, हलीमा खातून पत्नी अब्दुल करीम, रेशमा, कमाल अहमद, सोनू, जमीला, शाहिद अख्तर, सनाउल्लाह सिद्दीकी, निशरत नूर शबा पुत्री अब्दुल्ला सिद्दीकी, यासिर अराफात और ओसामा का पंजीकरण किया गया है। इन 27 लोगों ने भारत और नेपाल दोनों की नागरिकता की पुष्टि की है।
एक की मौत और एक हुआ लापता
सब-इंस्पेक्टर शंभू सिंह की जांच में मिले 27 लोगों में से अब्दुल रहमान गांव बालापुर में रहते हुए नहीं मिला। वहीं, 76 साल के अब्दुल अजीज सिद्दीकी की कुछ महीने पहले मौत हो गई थी। बाकी सभी 25 लोग नेपाल के नागरिक होने के बावजूद फर्जी तरीके से आधार कार्ड, वोटर ID कार्ड और दूसरे डॉक्यूमेंट बनाकर भारत की सरकारी योजनाओं का फायदा उठा रहे थे।
सभी के भारत की वोटर लिस्ट में ग्राम सभा रतनपुर जिंघा और शीतलापुर के वोटर नंबर और नेपाल की वोटर लिस्ट में कोइलाबास वार्ड-08 के वोटर नंबर हैं। थाना हेड थाना जरवा योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने की आशंका
आशंका जताई जा रही है कि फर्जी तरीके से आधार कार्ड और वोटर ID कार्ड और दूसरे डॉक्यूमेंट बनाकर सरकारी योजनाओं का फायदा उठाया जा रहा है।
उम्मीद है कि दोहरी नागरिकता रखने वालों को राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना, वृद्धि, विधवा पेंशन, मनरेगा जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि आदि का लाभ मिलेगा। पुलिस जांच में यह साफ हो जाएगा कि आरोपियों ने असल में किन योजनाओं का लाभ उठाया है और कितने रुपये गंवाए हैं।









