पूर्व PM शेख हसीना ने किया दिसंबर में स्वदेश लौटने का ऐलान… कहा- ‘गिरफ्तारी या मौत का डर नहीं’

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में स्वदेश लौटने का ऐलान किया है। उन्होंने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे गिरफ्तारी या मौत से नहीं डरतीं।

बांग्लादेश की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की नेत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वह इसी साल दिसंबर के महीने में अपने घर वापस लौटेंगी। भारत में अपनी शरण के दौरान पहली बार एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपनी गिरफ्तारी, जेल या जान को खतरा जैसे किसी भी गंभीर परिणाम का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मीडिया से मुखातिब होते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वह विदेश में बैठकर आराम से नहीं रह सकतीं, जबकि उनके समर्थक और देशवासी भारी मुशकिलों और तकलीफों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा, “वे मुझे मार सकते हैं, मुझे जेल में डाल सकते हैं… मुझे पता है कि मुझ पर मनगढ़ंत राजनीतिक केस थोपे जा सकते हैं, लेकिन डर लोगों के प्रति मेरे कर्तव्य को तय नहीं कर सकता।” अपने राजनीतिक सफर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 1971 में वह अपनी मां के साथ जेल में थीं और 1975 में उन्होंने अपना पूरा परिवार खो दिया था, इसलिए अब उनकी जिंदगी पर्सनल सेफ्टी के दायरे से बहुत आगे निकल चुकी है।

इस वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने अपनी पार्टी ‘अवामी लीग’ पर लगाई गई सरकारी पाबंदियों को तुरंत हटाने, हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई सुनिश्चित करने और सभी पेंडिंग राजनीतिक मामलों को वापस लेने की पुरजोर मांग की। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम से भारत सरकार ने पूरी तरह से किनारा कर लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार का इस वर्चुअल इवेंट से कोई लेना-देना नहीं है और न ही भारत ऐसे किसी राजनीतिक विचार का समर्थन करता है।

गौरतलब है कि साल 2024 में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी और वह भारत आ गई थीं। इसके बाद देश में हुए आम चुनावों में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सत्ता संभाली, जबकि अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। दूसरी ओर, भारत सरकार ने यह भी कंफर्म किया है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सितंबर में भारत द्वारा आयोजित होने वाले BRICS समिट में आमंत्रित किया गया है। बहरहाल, दिसंबर में शेख हसीना की संभावित वापसी से दक्षिण एशिया की कूटनीति और बांग्लादेशी राजनीति में एक नया उबाल आना तय माना जा रहा है।

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