8वें वेतन आयोग में बड़ा प्रस्ताव, लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी 71% तक बढ़ सकती है, जानें पूरा गणित

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।

नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के साथ बैठकें कर उनके सुझावों पर विचार कर रहा है। इसी बीच वेतन वृद्धि को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है, जिसके मुताबिक लेवल-1 कर्मचारियों की कुल सैलरी में करीब 71 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि, यह प्रस्ताव कर्मचारी संगठनों की ओर से दिया गया है। अभी तक 8वें वेतन आयोग या केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ सकती है?

ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) समेत कई कर्मचारी संगठनों ने आयोग को सुझाव दिया है कि एक्स-कैटेगरी में कार्यरत लेवल-1 कर्मचारियों की कुल मासिक सैलरी करीब ₹37,080 से बढ़ाकर ₹63,500 की जाए। यदि ऐसा होता है तो कुल वेतन में लगभग 71 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, अलाउंस भी होंगे अहम

कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी केवल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नहीं होगी। इसमें महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बेसिक पे बढ़ने के साथ इन सभी भत्तों में भी स्वाभाविक रूप से इजाफा होगा।

आयोग के सामने रखी गईं प्रमुख मांगें

कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष कई अहम मांगें रखी हैं।

  • DA को बेसिक पे में मर्ज किया जाए, ताकि नए वेतनमान तय करते समय कर्मचारियों को अधिक लाभ मिल सके।
  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस में बढ़ोतरी की जाए, क्योंकि बढ़ती महंगाई में मौजूदा राशि पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
  • हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरें बढ़ाई जाएं। यूनियनों ने मौजूदा 30%, 20% और 10% की जगह क्रमशः 36%, 24% और 12% HRA देने का प्रस्ताव रखा है।

आयोग की बैठकें जारी

8वें वेतन आयोग ने 6 और 7 जुलाई को ओडिशा के भुवनेश्वर में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें कीं। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में अगले दौर की बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे पहले आयोग दिल्ली और लखनऊ में भी विभिन्न संगठनों से सुझाव ले चुका है।

अंतिम फैसला सरकार करेगी

फिलहाल वेतन वृद्धि से जुड़े सभी आंकड़े कर्मचारी संगठनों के प्रस्तावों पर आधारित हैं। वास्तविक वेतन वृद्धि का फैसला 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट और उस पर केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

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