
संसद के मानसून सत्र के पहले केंद्र सरकार ने रविवार 21 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई। जिसमें कांग्रेस नेता जयराम रमेश, असदुद्दीन ओवैसी और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत विपक्षी दलों के कई बड़े नेता मौजूद रहे। बैठक की शुरूआत 11 बजे से हुई। इस दौरान कई मुद्दों को लेकर बात हुई।
TMC ने बैठक से बनाई दूरी
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस की तरफ से लोकसभा उपाध्यक्ष के पद की मांग की गई है। इसके अलावा NEET का मुद्दा भी उठाया गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि मीटिंग में JDU ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई है। वहीं, इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने शामिल नहीं रही। दरअसल, हर साल 21 जुलाई को पार्टी का सालाना कार्यक्रम रहता है, जिसके कारण सर्वदलीय बैठक में मौजूद नहीं हो पाई। हालांकि इसके लिए TMC के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू को पत्र लिखकर अवगत कराया।
क्यों बुलाई जाती है सर्वदलीय बैठक
बता दें कि सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है। हालांकि, सरकार और विपक्षी पार्टियों में कई मुद्दों को लेकर विरोध होने की वजह से टकराव होते रहते हैं और सत्र में हंगामा होने की वजह से सुचारू रूप से चलाने में समस्याएं आती रहती हैं।









