
पाकिस्तान के मुरिदके शहर में एक बार फिर से काफी ज्यादा एक्टिविट तेज हो गई है…खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मरकज़-ए-तैयबा एक बार फिर सक्रिय करने की कोशिशें तेज हो रही हैं. कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिन इमारतों को भारी नुकसान हुआ था, उन्हें फिर से खड़ा करने और सजाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है…
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरें और वीडियो इस बात की पुष्टि करती हैं कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई (ISI) बड़ी मात्रा में इस पुनर्निर्माण कार्य के लिए फंडिंग कर रहे हैं.हाल ही में आए वीडियो फुटेज में यह साफ देखा गया कि मरकज़-ए-तैयबा परिसर की बाउंड्री वॉल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर रंग-रोगन और मरम्मत का काम जारी है.ये गतिविधियाँ इस ओर इशारा करती हैं कि आतंकवादी ढांचे को फिर से मजबूत किया जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को मरकज़-ए-तैयबा परिसर में 2026 बैच के प्रशिक्षित आतंकियों के लिए एक विशेष सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा. इससे पहले इन आतंकियों को वैचारिक और सैन्य प्रशिक्षण दिया जा चुका है, ताकि उन्हें जल्द ही सक्रिय मोर्चों पर तैनात किया जा सके. यह कदम पाकिस्तान के पुराने नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद आतंकवादी संगठनों को पनाह और समर्थन देता है.
हाल ही में पाकिस्तान द्वारा ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा पर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के प्रयास किए गए थे, लेकिन भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल ने उन्हें नाकाम कर दिया। इन प्रयासों से यह साफ है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति बदस्तूर जारी है.








