इंडोनेशिया में 5.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप, आफ्टरशॉक का बना खतरा…

कम गहरे भूकंप अक्सर ज़्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि इनसे उत्पन्न होने वाली सीस्मिक तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है। इसके कारण जमीन पर अधिक कंपन होता है, जिससे इमारतों को गंभीर नुकसान और अधिक मौतों का खतरा होता है।

इंडोनेशिया में रविवार को 5.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भूकंप के बाद आफ्टरशॉक का खतरा बना हुआ है।

बता दें, NCS ने अपने X पोस्ट में भूकंप की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि भूकंप का समय 08 मार्च 2026, 11:35:08 IST था। भूकंप की स्थिति 2.24 N अक्षांश और 96.77 E देशांतर पर दर्ज की गई थी।

बताया कि, कम गहरे भूकंप अक्सर ज़्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि इनसे उत्पन्न होने वाली सीस्मिक तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है। इसके कारण जमीन पर अधिक कंपन होता है, जिससे इमारतों को गंभीर नुकसान और अधिक मौतों का खतरा होता है।

बता दें, इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ़ फायर पर स्थित है, जो तीन एक्टिव टेक्टोनिक प्लेटों के मिलने की जगह है। इसके कारण यह देश भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। इसके अलावा, यहां सुनामी, बाढ़, लैंडस्लाइड और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का भी खतरा रहता है।

इंडोनेशिया में मेगाथ्रस्ट भूकंपों का खतरा भी है, जो बहुत ताकतवर होता हैं और इनसे खतरनाक सुनामी आ सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, 2004 में हिंद महासागर में आया 9.0 मैग्नीट्यूड का भूकंप था, जिसने आचे प्रांत के तट पर सुनामी लहरें भेजी थीं और इसमें 230,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें से 1,67,000 से ज्यादा केवल इंडोनेशिया में थे।

इंडोनेशिया में हर दिन औसतन 20 भूकंप आते हैं, हालांकि ज़्यादातर हल्के होते हैं और उन्हें महसूस नहीं किया जाता।

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