अमेरिका में वीजा धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा, FBI ने 10 भारतीयों को किया गिरफ्तार

अमेरिका में वीजा धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने चार राज्यों में कार्रवाई करते हुए...

अमेरिका में वीजा धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने चार राज्यों में कार्रवाई करते हुए 10 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर नकली हथियारबंद डकैती की घटनाएं कराकर खुद को अपराध का पीड़ित दिखाने और इसके आधार पर इमिग्रेशन लाभ लेने की साजिश रचने का आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक इस मामले में कुल 11 भारतीयों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी को आरोप तय होने के बाद भारत भेज दिया गया है।

नकली डकैती दिखाकर लेते थे इमिग्रेशन लाभ

FBI के अनुसार आरोपियों ने कई दुकानों में फर्जी हथियारबंद डकैती की घटनाएं कराईं। इन घटनाओं के जरिए दुकान के कर्मचारी या मालिक खुद को अपराध का पीड़ित दिखाते थे, ताकि वे U Non-Immigrant Visa के लिए आवेदन कर सकें। यह वीजा उन लोगों को दिया जाता है जो गंभीर अपराध का शिकार होते हैं और जांच एजेंसियों की मदद करते हैं। एजेंसी का कहना है कि इसी वीजा का फायदा उठाने के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया। गिरफ्तार सभी आरोपी गुजरात के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

2023 से चल रही थी साजिश

जांच में सामने आया है कि यह साजिश वर्ष 2023 में शुरू हुई थी। उस दौरान मैसाचुसेट्स (Massachusetts) में कम से कम छह सुविधा स्टोर, शराब की दुकानों और फास्ट फूड रेस्टोरेंट में हथियारबंद डकैती जैसी घटनाएं हुईं। हर बार एक ही तरीका अपनाया जाता था। एक व्यक्ति हथियार दिखाकर कर्मचारियों को धमकाता, कैश रजिस्टर से पैसे निकालता और मौके से फरार हो जाता। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो जाती थी।

जांच एजेंसी के मुताबिक, कर्मचारी या दुकानदार पुलिस को सूचना देने से पहले जानबूझकर कुछ मिनट इंतजार करते थे, ताकि आरोपी आसानी से भाग सके और घटना वास्तविक लगे।

पैसे लेकर रची जाती थी पूरी योजना

FBI के अनुसार इस पूरे गिरोह की योजना मुख्य आरोपी रामभाई पटेल और उसके साथियों ने बनाई थी। कथित पीड़ित इस साजिश में शामिल होने के लिए पैसे देते थे, जबकि पटेल दुकानदारों को उनके स्टोर इस्तेमाल करने के बदले भुगतान करता था। इस तरह नकली घटनाएं दिखाकर यह साबित करने की कोशिश की जाती थी कि कर्मचारी हिंसक अपराध का शिकार हुए हैं, जिससे उन्हें U वीजा के लिए पात्र बनाया जा सके।

कई राज्यों में हुई गिरफ्तारी

जांच एजेंसी के अनुसार जितेंद्र कुमार पटेल, महेश कुमार पटेल, संजय कुमार पटेल, अमिता बेन पटेल, संगीता बेन पटेल और मितुल पटेल को मैसाचुसेट्स में गिरफ्तार किया गया। इन सभी को बोस्टन की अदालत में पेश किया गया, जहां पहली सुनवाई के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

वहीं रमेश भाई पटेल, रोनक कुमार पटेल, सोनल पटेल और मिंकेश पटेल को Kentucky, Missouri और Ohio राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों को भी जल्द बोस्टन की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा।

मुख्य आरोपी पहले ही दोषी करार

FBI अधिकारियों के मुताबिक मुख्य आरोपी रामभाई पटेल और उसे फरार होने में मदद करने वाले ड्राइवर पर पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं और उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है। आरोपियों पर वीजा धोखाधड़ी की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है।

यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपियों को अधिकतम 5 साल की जेल, 3 साल तक निगरानी में रिहाई और 2.5 लाख डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है।

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