
नई दिल्ली: तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के अध्यक्ष और अभिनेता विजय रविवार को करूर भगदड़ मामले में CBI द्वारा पूछताछ के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) हेडक्वार्टर से बाहर निकलते हुए देखे गए। विजय मुस्कुराते हुए CBI के बाहर जमा भीड़ को हाथ हिलाते हुए दिखाई दिए।
बता दें, 27 सितंबर 2025 को करूर में विजय के पब्लिक आउटरीच कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को राज्य-स्तरीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से CBI को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था, ताकि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जा सके।
बता दें, CBI ने तब से इस भगदड़ मामले की जांच शुरू की है और रैली के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें विजय के आने का समय, पार्टी के आयोजकों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय, और भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजाम की जांच शामिल है।
बता दें, जांच के तहत एक मुख्य मुद्दा यह है कि कार्यक्रम के लिए निर्धारित समय से सात घंटे की देरी थी। जांचकर्ताओं ने यह देखा है कि देरी के कारण क्या भीड़ का आकार बढ़ गया और क्या उस कारण भगदड़ हुई। इसके अलावा, CBI इस बात की जांच भी कर रही है कि कार्यक्रम के लिए अनुमति लेने वाले दस्तावेज़ कहां हैं और यह भी स्पष्ट करना चाहती है कि कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था।
वहीं, CBI पार्टी के भीतर योजना और कार्यान्वयन के जिम्मेदार लोगों की जांच कर रही है। इस जांच में यह भी शामिल है कि करूर में इस कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय किसने लिया और विजय को कब इसकी जानकारी दी गई।
इसके अलावा, CBI यह भी देख रही है कि क्या विजय की टीम ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर किसी प्रकार का रिस्क असेसमेंट किया था और क्या कार्यक्रम के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के पानी और तय एंट्री और एग्जिट पॉइंट का इंतज़ाम किया गया था।
वहीं, CBI यह भी जांच कर रही है कि विजय का मॉडिफाइड कारवां घनी भीड़ के बीच से कैसे गुजरा और क्या स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल था। इसके अलावा, एजेंसी यह भी देख रही है कि विजय को भगदड़ के बारे में कब जानकारी मिली और उसके बाद क्या घटनाएं घटित हुईं। विजय के आने और जाने के समय को लेकर भी पूछताछ जारी है।
वहीं, यह जांच इस बात को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि करूर में हुई भगदड़ की घटनाएं कैसे घटित हुईं और क्या आयोजन में कोई लापरवाही थी। CBI के लिए यह जांच राजनीतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा प्रबंधन और आयोजकों की जिम्मेदारी की गहरी जांच होगी।









